1 जुलाई से आम लोगों की जेब पर मिला राहत और बढ़ा बोझ: रसोई गैस, ईंधन, पासपोर्ट और रेल नियमों में बड़े बदलाव
- व्यावसायिक गैस सिलेंडर और ईंधन की कीमतों में राहत, डीजल खरीद पर लगी सीमा समाप्त
- पासपोर्ट, नई कार और बिना टिकट रेल यात्रा महंगी, आधार में ईमेल पता अद्यतन करना छह माह तक निःशुल्क
नई दिल्ली। देशभर में 1 जुलाई से कई महत्वपूर्ण नियमों और सेवाओं में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा प्रभाव आम नागरिकों, व्यापारियों, उद्योगों और यात्रियों पर पड़ेगा। एक ओर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत में बड़ी कमी और निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनी द्वारा पेट्रोल तथा डीजल सस्ता किए जाने से लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर पासपोर्ट शुल्क, नई कारों की कीमत और बिना टिकट रेल यात्रा पर जुर्माना बढ़ने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा। इसके साथ ही आधार कार्ड में ईमेल पता अद्यतन कराने की सुविधा अगले छह महीने तक निःशुल्क कर दी गई है।
व्यावसायिक गैस सिलेंडर हुआ सस्ता
तेल विपणन कंपनियों ने व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत में औसतन 180 रुपये तक की कटौती की है। राजधानी दिल्ली में इसकी नई कीमत 2,930 रुपये हो गई है, जबकि पहले यह 3,113.50 रुपये में उपलब्ध था। हालांकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। व्यावसायिक सिलेंडर सस्ता होने से होटल, रेस्तरां, भोजनालय और विवाह समारोहों में खानपान की व्यवस्था करने वाले कारोबारियों की लागत घटेगी। इससे भविष्य में चाय, नाश्ता, भोजन की थाली और खानपान सेवाओं की कीमतों में कमी आने की संभावना बढ़ गई है।
ईंधन की कीमतों में राहत और डीजल सीमा समाप्त
निजी क्षेत्र की ईंधन कंपनी नयारा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 5 रुपये तथा डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इसके बाद भोपाल में पेट्रोल 119.79 रुपये और डीजल 99.57 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध हो गया है। कंपनी के देशभर में सात हजार से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं। डीजल सस्ता होने से परिवहन लागत कम होगी, जिससे फल, सब्जियां, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी के साथ पेट्रोल पंपों पर एक वाहन में प्रतिदिन केवल 200 लीटर डीजल भरवाने की सीमा भी समाप्त कर दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन आपूर्ति में सुधार होने के बाद यह निर्णय लिया है। इससे पहले 11 जून को आपूर्ति संकट के कारण यह प्रतिबंध लगाया गया था। अब वाहन चालक, परिवहन व्यवसायी, उद्योग और बड़े उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार सीधे पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद सकेंगे। इससे पिछले कई दिनों से चल रही ईंधन संबंधी परेशानियों का समाधान होने की उम्मीद है।
पासपोर्ट और रेल यात्रा हुई महंगी
केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से पासपोर्ट शुल्क में वृद्धि लागू कर दी है। वर्ष 2012 के बाद पहली बार शुल्क बढ़ाया गया है। अब नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का पुनः निर्गमन कराने के लिए नागरिकों को पहले की तुलना में एक हजार से दो हजार रुपये तक अधिक खर्च करना पड़ेगा। इससे विदेश यात्रा, शिक्षा और रोजगार के लिए पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। रेल मंत्रालय ने भी बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध नियम और सख्त कर दिए हैं। अब न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। पकड़े जाने पर यात्री को वास्तविक किराए के साथ कम से कम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। गंभीर मामलों में न्यायालय द्वारा अधिकतम छह माह की कारावास, एक हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड भी दिए जा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना और रेल व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना है।
आधार अद्यतन में राहत, नई कार खरीदना महंगा
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार कार्ड में ईमेल पता अद्यतन कराने पर लगने वाला 75 रुपये का शुल्क समाप्त कर दिया है। यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। इससे करोड़ों नागरिक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपना ईमेल पता आधार से जोड़ या संशोधित करा सकेंगे। दूसरी ओर नई कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब अधिक राशि खर्च करनी होगी। कई वाहन निर्माताओं ने उत्पादन लागत बढ़ने के कारण अपने वाहनों की कीमतों में वृद्धि कर दी है। किया इंडिया ने अपने सभी मॉडलों की कीमत में दो प्रतिशत तक तथा टाटा मोटर्स ने लगभग डेढ़ प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। इसका असर पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों के साथ-साथ विद्युत चालित कारों की कीमतों पर भी पड़ेगा। 1 जुलाई से लागू हुए इन सभी बदलावों का प्रभाव देश के लगभग हर वर्ग पर दिखाई देगा। जहां व्यावसायिक गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत से व्यापार और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, वहीं पासपोर्ट शुल्क, वाहन कीमतों और रेल नियमों में हुए बदलाव आम लोगों के खर्च को बढ़ाएंगे। दूसरी ओर आधार कार्ड में ईमेल पता निःशुल्क अद्यतन करने की सुविधा नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में सामने आई है। इन परिवर्तनों के साथ सरकार ने एक ओर आवश्यक सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया है, तो दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में राजस्व और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।


