महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य सरगना की पत्नी पटना से गिरफ्तार
- प्रश्नपत्र लीक के बाद धन के लेनदेन और नेटवर्क संचालन में भूमिका की जांच तेज
- मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी, पुराने आपराधिक मामलों से भी जुड़े तार
पटना/समस्तीपुर। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मामले के कथित मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को पटना से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक के बाद धन के लेनदेन और नेटवर्क के विभिन्न सदस्यों के बीच संपर्क बनाए रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुमन कुमारी की गिरफ्तारी उन जानकारियों के आधार पर की गई है जो पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आई थीं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि प्रश्नपत्र लीक से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई थी। इसके साथ ही उस पर यह भी संदेह है कि वह अपने पति बिजेंद्र गुप्ता तथा इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संपर्क में लगातार बनी हुई थी। इस मामले का खुलासा तब और गहरा हुआ जब महाराष्ट्र पुलिस ने हाल के दिनों में तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पटना निवासी राजीव शाह और आकाश कुमार के अलावा हरियाणा के पानीपत निवासी धीरज कुमार शामिल हैं। इन तीनों से हुई गहन पूछताछ में बिजेंद्र गुप्ता का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में मिले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों ने यह संकेत दिया है कि प्रश्नपत्र लीक के पूरे तंत्र का संचालन एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा था, जिसका नेतृत्व कथित रूप से बिजेंद्र गुप्ता कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस की टीमें दिल्ली, हरियाणा, आगरा और बिहार समेत कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर संभावित ठिकानों की निगरानी की जा रही है। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बिजेंद्र गुप्ता मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापति थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गांव का निवासी है। गांव में उसके परिवार की आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि साधारण मानी जाती है। मामले के सामने आने के बाद उसके पिता बालेश्वर साह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका पुत्र वर्षों पहले पढ़ाई के लिए घर छोड़कर चला गया था और उसके बाद परिवार से उसका संपर्क लगभग समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि परिवार को कभी यह जानकारी नहीं मिली कि वह किस प्रकार का कार्य कर रहा है। बालेश्वर साह ने गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि देश की एक बड़ी परीक्षा से जुड़े गंभीर मामले में बेटे का नाम सामने आने से पूरा परिवार सदमे में है। उनके अनुसार, लंबे समय से बेटे से कोई संपर्क नहीं होने के कारण परिवार उसके जीवन और गतिविधियों के बारे में अनभिज्ञ था। जांच को और गंभीर बनाने वाला तथ्य यह है कि पुलिस अभिलेखों में बिजेंद्र गुप्ता का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है। अधिकारियों के अनुसार, वह वर्ष 2003 के एक चर्चित हत्या प्रकरण में आरोपी रह चुका है। इसके अलावा उसका नाम ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) जैसे चर्चित प्रश्नपत्र लीक मामलों से भी जोड़ा जाता रहा है। हालांकि इन मामलों में उसकी भूमिका को लेकर अलग-अलग स्तर पर जांच और कानूनी प्रक्रिया चलती रही है। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले ने एक बार फिर देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे तथा प्रश्नपत्र लीक से अर्जित धन का उपयोग किन माध्यमों से किया गया। फिलहाल सुमन कुमारी से पूछताछ जारी है, जबकि मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।


