गांधी मैदान में 5,000 नए गृह रक्षकों की भव्य दीक्षांत परेड, मुख्यमंत्री ने दिलाया जनसेवा का संकल्प

  • कड़े प्रशिक्षण के बाद गृह रक्षा वाहिनी में शामिल हुए नए जवान, महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी
  • कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर, मुख्यमंत्री ने अनुशासन और सेवा को बताया सर्वोच्च दायित्व

पटना। बिहार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार गृह रक्षा वाहिनी के नवनामांकित 5,000 गृह रक्षकों का दीक्षांत एवं पारण परेड समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परेड की सलामी ली, जवानों के आकर्षक गठन का निरीक्षण किया और उन्हें राज्य तथा समाज की सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार पुलिस के महानिदेशक तथा प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे गांधी मैदान में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। परेड में शामिल जवानों ने अनुशासन, दक्षता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
कड़े प्रशिक्षण के बाद मिली जिम्मेदारी
बिहार गृह रक्षा वाहिनी राज्य की कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन व्यवस्था में पुलिस की पूरक शक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस बार एक साथ 5,000 नए जवानों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को बुनियादी सैन्य कौशल, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तकनीक, भीड़ नियंत्रण, आपदा राहत कार्य, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने तथा आधुनिक हथियारों के सुरक्षित संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम को वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था, ताकि जवान हर परिस्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
महिला गृह रक्षकों ने दिखाई क्षमता
इस दीक्षांत परेड की विशेषता महिला गृह रक्षकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। बड़ी संख्या में महिला जवानों ने परेड में हिस्सा लेकर अपनी दक्षता और अनुशासन का प्रदर्शन किया। महिला रक्षकों की भागीदारी को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है। परेड के दौरान महिला और पुरुष जवानों ने समान ऊर्जा और समर्पण के साथ अपने प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने सराहा। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
मुख्यमंत्री ने दिया जनसेवा का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त गृह रक्षकों को बधाई दी और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल शुरुआत है, वास्तविक परीक्षा अब मैदान में होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन, धैर्य और सेवा भाव को जनता के बीच लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और संकट की घड़ी में उनकी सहायता करना प्रत्येक गृह रक्षक का पहला कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने जवानों से अपेक्षा की कि वे अपने आचरण और कार्यशैली से जनता का विश्वास मजबूत करेंगे तथा राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सक्रिय योगदान देंगे।
आधुनिक सुविधाओं पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार गृह रक्षकों के कल्याण और सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आधुनिक बैरकों, बेहतर आवासीय सुविधाओं, प्रशिक्षण संसाधनों और कल्याणकारी योजनाओं पर निवेश बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गृह रक्षक बिना किसी चिंता के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का मनोबल मजबूत रखना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बदलते समय के साथ उभर रही नई सुरक्षा चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज अपराध और सुरक्षा संबंधी खतरे केवल पारंपरिक स्वरूप तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने जवानों से तकनीक के उपयोग में दक्ष बनने, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा आधुनिक उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतर्कता, अनुशासन और तकनीकी ज्ञान के समन्वय से ही वर्तमान समय की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि 5,000 प्रशिक्षित गृह रक्षकों की नियुक्ति से राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ये जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में सहयोग करने तथा विशेष परिस्थितियों में पुलिस और प्रशासन की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गांधी मैदान में आयोजित यह भव्य दीक्षांत एवं पारण परेड केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। नए गृह रक्षकों के शामिल होने से बिहार की सुरक्षा संरचना को नई ऊर्जा और अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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