बाढ़-दानापुर रेलखंड पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से युवक का हाथ कटा, गंभीर हालत में पटना रेफर

  • अचुवाड़ा हाल्ट के पास रेलवे पटरी किनारे गंभीर अवस्था में मिला घायल युवक, स्थानीय लोगों ने बचाई जान
  • एम्बुलेंस रवाना होने में हुई देरी पर उठे सवाल, आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी

बाढ़। पटना जिले के बाढ़-दानापुर रेलखंड पर मंगलवार रात एक दर्दनाक रेल दुर्घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। अथमलगोला और बाढ़ रेलवे स्टेशन के बीच स्थित अचुवाड़ा हाल्ट के निकट एक अज्ञात युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि युवक का एक हाथ पूरी तरह कट गया। घटना के बाद युवक रेलवे पटरी के किनारे लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण घायल युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उसकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात अचुवाड़ा हाल्ट के आसपास कुछ स्थानीय लोगों ने रेलवे लाइन के किनारे एक युवक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा देखा। उसके शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और एक हाथ पूरी तरह अलग हो चुका था। युवक दर्द से कराह रहा था तथा उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर थी। घटना को देखकर स्थानीय लोग तत्काल उसकी सहायता के लिए आगे आए। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए आपातकालीन सहायता सेवा और डायल-112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया और रक्तस्राव को नियंत्रित करने का प्रयास किया। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि युवक की हालत अत्यंत नाजुक है। एक हाथ पूरी तरह कट जाने के कारण उसे भारी मात्रा में रक्त की क्षति हुई थी। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस प्रकार की गंभीर स्थिति में विशेष चिकित्सकीय निगरानी और उन्नत उपचार की आवश्यकता होती है, जो बड़े चिकित्सा संस्थान में ही संभव है। हालांकि घायल युवक को पटना भेजने की प्रक्रिया के दौरान एक नई समस्या सामने आ गई। बताया गया कि एम्बुलेंस को रवाना करने में लगभग आधे घंटे की देरी हुई। स्थानीय लोगों और अस्पताल में मौजूद लोगों का आरोप है कि एम्बुलेंस चालक मरीज के साथ सुरक्षा कर्मी या गार्ड की मांग कर रहा था। इसी कारण एम्बुलेंस समय पर नहीं निकल सकी। बाद में परिस्थितियों को देखते हुए बिना किसी गार्ड के ही घायल युवक को पटना के लिए रवाना किया गया। एम्बुलेंस रवाना होने में हुई देरी को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि जब कोई व्यक्ति जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा हो, तब प्रशासनिक औपचारिकताओं या अन्य कारणों से उपचार में विलंब नहीं होना चाहिए। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि घायल की स्थिति और अधिक बिगड़ जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। घटना के बाद क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि दुर्घटना या आपदा की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि एम्बुलेंस और अन्य सेवाओं में इस प्रकार की देरी होती है, तो इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। फिलहाल घायल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों तथा गुमशुदगी से संबंधित सूचनाओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि युवक संभवतः किसी ट्रेन की चपेट में आया होगा, लेकिन दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि दुर्घटना कैसे हुई और युवक रेलवे ट्रैक पर किन परिस्थितियों में पहुंचा। रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष सामने आ सकेगा। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, जागरूकता और आपातकालीन सेवाओं की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सहायता मिलने से घायल युवक की जान बचाने की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा और राहत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाए जाने की आवश्यकता है। फिलहाल युवक का इलाज पटना में चल रहा है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। पूरे इलाके के लोग उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

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