गया में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, लूटकांड के दो आरोपी गोली लगने से घायल
- 40 लाख रुपये के स्वर्ण लूटकांड में शामिल थे दोनों आरोपी, डेढ़ सौ ग्राम सोना बरामद
- पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए बदमाश, अंधेरे का फायदा उठाकर तीन अन्य आरोपी फरार
गया। बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में गया जिले में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी घायल हो गए। दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने घायल अपराधियों के पास से लूटे गए करीब डेढ़ सौ ग्राम सोने के आभूषण भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार घायल अपराधियों की पहचान सुजीत कुमार और श्रवण मल्लाह के रूप में हुई है। दोनों पर हाल ही में गुरुआ बाजार में हुए एक बड़े स्वर्ण लूटकांड में शामिल होने का आरोप है। इस घटना में एक स्वर्ण व्यवसायी से लगभग 40 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूट लिए गए थे। पुलिस लंबे समय से इन अपराधियों की तलाश कर रही थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जानकारी के अनुसार 27 मई को गुरुआ बाजार के प्रसिद्ध स्वर्ण व्यवसायी प्रभाकर कुमार वर्णवाल से हथियार के बल पर कीमती आभूषण लूट लिए गए थे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। व्यवसायियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन कर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी थी। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल कुछ अपराधी चाल्हो पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब सुरक्षा बल अपराधियों के करीब पहुंचे तो बदमाशों ने अचानक पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने पहले अपराधियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब फायरिंग जारी रही तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में सुजीत कुमार और श्रवण मल्लाह गोली लगने से घायल हो गए। बताया गया कि एक आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। गोली लगते ही दोनों घटनास्थल पर गिर पड़े और पुलिस ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें उपचार के लिए मगध चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान लूटे गए लगभग डेढ़ सौ ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद आभूषणों को उसी लूटकांड से जुड़ा माना जा रहा है जिसकी जांच पुलिस कर रही थी। इसके अलावा घटनास्थल से अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम पर हुई गोलीबारी के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। सूत्रों के अनुसार मुठभेड़ के दौरान वहां घना अंधेरा था। इसी का फायदा उठाकर गिरोह के तीन अन्य सदस्य घटनास्थल से भाग निकलने में सफल रहे। पुलिस का मानना है कि फरार अपराधी भी इसी लूटकांड में शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह का संबंध अन्य जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं से तो नहीं है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान भी की गई है। गुरुआ बाजार के व्यवसायियों ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस गिरफ्तारी से व्यापारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई है कि फरार अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि लूटकांड से जुड़े शेष आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।


