नीति आयोग की शिक्षा रैंकिंग: पंजाब देश में नंबर-1, बिहार और झारखंड सबसे निचले पायदान पर
पटना/नई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा जारी ताजा ‘स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक’ (SEQI) की रिपोर्ट में देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। इस सूचकांक में बड़े राज्यों की श्रेणी में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। एक तरफ जहां पंजाब ने देश भर में पहला स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया है, वहीं बिहार और झारखंड जैसे राज्य स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे और डिजिटल पहुंच के मामले में बेहद खराब प्रदर्शन के साथ सूची में सबसे नीचे पहुंच गए हैं।लंबे समय से देश की शिक्षा व्यवस्था में शीर्ष पर रहने वाले केरल को इस बार पंजाब ने पीछे छोड़ दिया है। नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब बुनियादी साक्षरता, गणितीय कौशल (मैथमेटिकल स्किल्स), स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम (80.1%) और इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के दम पर प्रथम स्थान पर काबिज हुआ है।इस सूची में केरल दूसरे स्थान पर खिसक गया है, जबकि राजस्थान ने ड्रॉप-आउट रेट (स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या) को कम करके और तकनीकी सुधारों को लागू कर तीसरा स्थान बरकरार रखा है। इसके बाद कर्नाटक और आंध्र प्रदेश का नंबर आता है। इस सूचकांक में शामिल देश के कुल 20 बड़े राज्यों की सूची में बिहार और झारखंड की स्थिति बेहद चिंताजनक है। बिहार को 20 राज्यों में 19वाँ स्थान मिला है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार का कुल स्कोर मात्र 37.3% रहा है, हालांकि राज्य ने अपने पुराने स्तर (30%) से करीब 7.3% का मामूली सुधार जरूर दर्ज किया है। स्कूलों में सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के मामले में बिहार को महज 10.9% स्कोर मिला है, जो राज्य में स्कूलों की जर्जर स्थिति और संसाधनों की भारी कमी को बयां करता है। स्कूलों तक बच्चों की पहुंच के मामले में बिहार का स्कोर 42.9% और छात्रों की सीखने की क्षमता (Learning Outcomes) में 41% रहा है। बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड का प्रदर्शन देश के सभी बड़े राज्यों में सबसे खराब रहा है, और वह इस सूची में 20वें यानी सबसे अंतिम पायदान पर पहुंच गया है।


