दिल्ली में सिलेंडर विस्फोट से ढहा मकान, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
- तेज धमाके के बाद एक मंजिला इमारत जमींदोज, बचाव अभियान में जुटीं दमकल और पुलिस की टीमें
- रसोई गैस सिलेंडर फटने की प्रारंभिक आशंका, प्रभावित क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुकुंदपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। रसोई गैस सिलेंडर में हुए भीषण विस्फोट के बाद एक मकान अचानक ढह गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार यह घटना मुकुंदपुर-द्वितीय क्षेत्र के इशु विहार स्थित गली संख्या-1 में सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई। स्थानीय लोगों ने अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी, जिसके कुछ ही क्षण बाद एक मंजिला मकान भरभराकर जमीन पर गिर गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के घरों में भी कंपन महसूस किया गया और लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। दिल्ली अग्निशमन सेवा को सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही विभाग ने तत्काल पांच दमकल वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। दमकलकर्मियों के पहुंचने तक स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर राहत कार्य में जुट गए थे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में रसोई गैस सिलेंडर के फटने की आशंका व्यक्त की गई है। बताया जा रहा है कि लगभग 250 वर्ग गज क्षेत्रफल में बना एक मंजिला मकान विस्फोट के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। पुलिस ने लोगों की भीड़ को नियंत्रित करते हुए बचाव कार्य में लगे दलों के लिए रास्ता खाली कराया। राहत और बचाव अभियान में विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि मलबे के नीचे दबे लोगों का सुरक्षित पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य के दौरान प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की है। इसके लिए प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता ली जा रही है। मौके पर चिकित्सकीय दल और एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं ताकि किसी घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके। स्थानीय निवासियों के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकानों की खिड़कियां और दरवाजे भी प्रभावित हुए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पहले गैस रिसाव जैसी गंध महसूस हुई थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां इस पहलू को भी गंभीरता से परख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस सिलेंडरों के उपयोग में लापरवाही या गैस रिसाव जैसी घटनाएं बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक होता है। प्रशासन भी लोगों से समय-समय पर गैस उपकरणों की जांच कराने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील करता रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। आसपास के लोग लगातार राहत कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं और मलबे में दबे संभावित लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। मलबा हटाने का कार्य जारी है और अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही नुकसान और संभावित हताहतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


