पूर्णिया में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, बुजुर्ग की हत्या, दो गंभीर

  • चार कट्ठा जमीन को लेकर विवाद, हथौड़े से हमला कर ली जान
  • बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे और पोते पर भी जानलेवा हमला, दो आरोपी गिरफ्तार

पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में जमीन को लेकर चल रहा विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना शहर के मधुबनी थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी यादव टोला की है, जहां चार कट्ठा जमीन के विवाद में दो पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने हथौड़े से हमला कर बुजुर्ग की जान ले ली। इस हमले में मृतक के बेटे और पोते भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतक की पहचान सुखदेव यादव के रूप में हुई है, जो स्थानीय निवासी थे। उनके पुत्र मनोज यादव ने बताया कि विवादित जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग पिलर लगवा रहे थे। इसी दौरान उनके पिता वहां पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध करने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले गई। परिजनों के अनुसार आरोपियों ने मौके पर काम कर रहे मजदूर के हाथ से हथौड़ा छीन लिया और अचानक सुखदेव यादव पर हमला कर दिया। उनके सिर पर लगातार कई वार किए गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और स्थिति बेकाबू हो गई। घटना के दौरान जब सुखदेव यादव के बेटे मनोज यादव और पोते सुजल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन्हें भी निशाना बना लिया। दोनों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों की मदद से घायल तीनों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुखदेव यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं मनोज यादव और सुजल की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है। इस झड़प में दूसरे पक्ष का भी एक युवक घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही मधुबनी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमले में शामिल दो आरोपियों रंजीत यादव और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को ही घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन विवाद जैसे मामलों में समय पर समाधान नहीं होने पर स्थिति अक्सर हिंसक हो जाती है। ऐसे मामलों में प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर समाधान निकालने की आवश्यकता होती है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पूर्णिया की यह घटना समाज में बढ़ते भूमि विवाद और उससे जुड़ी हिंसा की गंभीरता को दर्शाती है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस घटना के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्हें कब तक गिरफ्तार किया जा सकेगा।

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