गया जंक्शन पर 20 दिनों का महाब्लॉक, ट्रेनों के परिचालन में बड़े बदलाव से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
- प्लेटफॉर्म संख्या एक पर रेल पटरी पुनर्निर्माण कार्य, कई ट्रेनें बदले मार्ग से चलेंगी
- बक्सर और जमालपुर-किऊल रेलखंड पर भी कार्य से यातायात बाधित, घंटों ठप रहा संचालन
गया। गया जंक्शन पर सोमवार से शुरू हुए 20 दिनों के महाब्लॉक ने रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 16 मई तक चलने वाले इस विशेष अवरोध के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक पर रेल पटरी के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा। इस कारण इस मार्ग से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 15619 गया-कामाख्या एक्सप्रेस अब 28 अप्रैल से 16 मई तक मानपुर जंक्शन से प्रस्थान करेगी, जबकि 15620 कामाख्या-गया एक्सप्रेस मानपुर तक ही सीमित रहेगी। इसके अतिरिक्त 03253 पटना-चर्लापल्ली तथा 03254 और 03255 चर्लापल्ली-पटना विशेष ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है और ये गया होकर नहीं चलेंगी। इसी तरह 63245 और 63289 पटना-गया-डेहरी मेमू ट्रेन को पटना से लगभग 100 मिनट विलंब से चलाया जाएगा। 13349 और 13350 सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में डिब्बों की संख्या भी कम कर दी गई है, जिससे यात्रियों को बैठने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा भभुआ-पटना इंटरसिटी, राजगीर-पटना यात्री गाड़ी और पटना-गया फास्ट यात्री गाड़ी भी इस अवधि में प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। उधर, बक्सर जिले में भी रेलवे द्वारा किए गए कार्यों के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय स्टेशन के पूर्वी हिस्से में नहर पुल के गर्डर बदलने के लिए रविवार को महाब्लॉक लगाया गया, जिसके चलते अप लाइन पर लगभग साढ़े पांच घंटे तक ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे तक चले इस अवरोध के दौरान कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। पुराने लोहे के गर्डर की जगह कंक्रीट गर्डर लगाए गए, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बताया गया। इस महाब्लॉक का असर हिमगिरी, श्रमजीवी, जनसाधारण, सिकंदराबाद और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा, जो अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चलीं। वहीं जमालपुर-किउल रेल खंड पर भी सब-वे निर्माण और पटरी मरम्मत कार्य के चलते रविवार को महा यातायात एवं विद्युत अवरोध लागू किया गया। इसके कारण लगभग सात घंटे तक अप और डाउन दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। इस दौरान किऊल, पटना और गया जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि सुबह से स्टेशन पहुंचे यात्री बिना किसी स्पष्ट सूचना के घंटों तक ट्रेन का इंतजार करते रहे। यात्री प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर और ऊपरी पुल पर लोगों की भीड़ लगी रही। कई यात्रियों को अंततः बिना यात्रा किए ही वापस लौटना पड़ा। इस अवरोध के कारण कई यात्री और मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि ब्रह्मपुत्र मेल, विक्रमशिला एक्सप्रेस और पटना-दुमका एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को घंटों विलंब से चलाया गया। पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर रेल सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य अत्यंत आवश्यक था। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक असुविधा के बावजूद इन सुधार कार्यों से भविष्य में यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। बिहार के विभिन्न रेलखंडों पर चल रहे इन निर्माण और मरम्मत कार्यों ने फिलहाल रेल यातायात को प्रभावित किया है, लेकिन रेलवे का मानना है कि ये कदम दीर्घकालिक दृष्टि से यात्रियों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले जानकारी प्राप्त कर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।


