ग्राम पंचायतों में सेवा व्यवस्था सख्त, 24 घंटे में मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र

  • पंचायती राज विभाग का निर्देश, अंत्येष्टि के बाद तुरंत प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य
  • पंचायत सरकार भवन, सौर स्ट्रीट लाइट और आधार सेवा केंद्र को लेकर भी दिए गए अहम निर्देश

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में किसी भी मोक्षधाम या कब्रिस्तान में अंत्येष्टि के बाद मृतक के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई थी। बैठक में राज्य के सभी जिलों के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना की गई, जबकि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी गई। विभाग ने यह संकेत दिया कि अब सरकारी सेवाओं में देरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाना और सेवाओं को सीधे गांव स्तर तक पहुंचाना है। अक्सर देखा जाता है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी सरल और तेज हो जाएगी। मृत्यु प्रमाण पत्र की समयबद्ध उपलब्धता के साथ-साथ पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। राज्यभर में बनाए गए पंचायत सरकार भवनों को जल्द से जल्द पूरी तरह क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया है। इन भवनों का उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों में भटकना न पड़े। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए स्थानीय अभियंत्रण संगठन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। सरकार चाहती है कि पंचायत स्तर पर सभी सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध हों, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो सके। ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सौर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत पहले ही बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। अब अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि महीने के अंत तक इनका शत-प्रतिशत स्थापना कार्य पूरा किया जाए और नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो उस पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए 2000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार से जुड़ी सेवाएं, पहचान सत्यापन और अन्य डिजिटल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समयबद्ध सेवा वितरण से न केवल लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यकुशलता भी बेहतर होगी। बिहार सरकार का यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब प्रशासन का फोकस स्पष्ट है सेवाओं में देरी नहीं, बल्कि निर्धारित समय में काम पूरा करना ही नई व्यवस्था की पहचान बनेगा। इससे ग्रामीण जनता को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा।

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