बक्सर में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड, 44.4 डिग्री तापमान; बिहार के 10 जिलों में लू का अलर्ट

  • तीन दिन तक भीषण गर्मी की चेतावनी, शुष्क पछुआ हवाओं से बढ़ा तापमान
  • मौसम विभाग की सलाह दोपहर में घर से न निकलें, अगले एक सप्ताह तक राहत के आसार कम

पटना। बिहार में अप्रैल महीने में ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और अब यह स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। बक्सर जिले में बुधवार को तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो अप्रैल महीने के अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। यह वर्ष 2016 के 44.5 डिग्री के सर्वकालिक रिकॉर्ड से महज 0.1 डिग्री कम है, जो उस समय अप्रैल के अंतिम दिन दर्ज किया गया था। इस बार यह स्थिति महीने के तीसरे सप्ताह में ही देखने को मिल रही है, जो असामान्य मानी जा रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 10 जिलों में लू को लेकर चेतावनी जारी की है। इन जिलों में दिन के समय तेज गर्म हवा चलने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने या सामान्य से चार डिग्री अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में शुष्क पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी की मात्रा काफी कम हो गई है, जिससे जमीन तेजी से गर्म हो रही है। तेज धूप और पछुआ हवा के प्रभाव से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। फिलहाल बारिश या आंधी की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी से राहत मिलने के आसार भी कम हैं। राजधानी पटना में भी गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पटना का तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। सुबह से ही तेज धूप और दिन में चलने वाली गर्म हवा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जा रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। खासकर स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। पटना में स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चों को छतरी या कपड़े से ढककर घर ले जाया जा रहा है, वहीं कुछ बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। हालांकि राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम थोड़ा राहत भरा भी है। मधेपुरा और कटिहार जैसे जिलों में हल्के बादल और हवा के कारण तापमान में थोड़ी कमी देखी गई है। कटिहार में तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। किशनगंज में भी मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। इसके विपरीत गया, औरंगाबाद, डेहरी और जहानाबाद जैसे जिलों में गर्मी का असर ज्यादा है। यहां सुबह के समय ही सड़कों पर सन्नाटा देखा जा रहा है और लोगों की आवाजाही कम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो अप्रैल 2026 पिछले पांच वर्षों में सबसे गर्म अप्रैल साबित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने कहा है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और धूप से बचाव के लिए छाता या सिर ढकने का इस्तेमाल करें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बिहार में गर्मी का यह प्रचंड रूप आने वाले दिनों में और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहना होगा, ताकि भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचा जा सके।

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