जमुई में विवाद सुलझाने गए युवक की हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

  • लोहे की रॉड से हमले में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत, परिजनों में कोहराम
  • आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े लोग, प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

जमुई। बिहार के जमुई जिले में एक मामूली विवाद को सुलझाने गए युवक की हत्या से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। घटना के विरोध में बुधवार सुबह स्थानीय लोगों और परिजनों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 29 स्थित निमारंग गांव निवासी 38 वर्षीय निर्मल सिंह की मौत के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बताया जाता है कि बीते शनिवार को गांव में रंजय सिंह और उसके भाई गोरे सिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। इसी दौरान निर्मल सिंह वहां पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास करने लगे। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद के दौरान रंजय सिंह और उसके बेटे लाली ने अचानक आक्रामक होकर निर्मल सिंह पर हमला कर दिया। आरोप है कि लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। निर्मल सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं, जिनकी उम्र क्रमशः आठ, पांच और तीन वर्ष बताई जा रही है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ही सामान्य थी, ऐसे में अब उनके सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह करीब आठ बजे से सड़क जाम कर दी गई, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग भी की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जुटे रहे, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही।  सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसक रूप ले लेते हैं और निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। स्थानीय प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि वह न केवल इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करे, बल्कि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। वहीं मृतक के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

You may have missed