सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही जदयू सक्रिय, 20 अप्रैल को विधायक दल की अहम बैठक
- बदलते सियासी समीकरणों के बीच नेता चयन और रणनीति पर होगी चर्चा
- आवास बदलाव की तैयारी, एक अणे मार्ग खाली कर 7 सर्कुलर रोड जाएंगे नीतीश कुमार
पटना। बिहार की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच जनता दल यूनाइटेड ने अपने विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक 20 अप्रैल को बुला ली है। यह बैठक पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक को वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 14 अप्रैल को प्रस्तावित विधायक दल की बैठक को रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद अब दोबारा बैठक बुलाए जाने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। बैठक की अध्यक्षता नीतीश कुमार करेंगे और इसमें पार्टी के सभी विधायक तथा वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधायक दल के नेता के चयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। इसके साथ ही नई सरकार में पार्टी की भूमिका, भागीदारी और आगे की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के बाद जदयू की दिशा और भूमिका काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। इस बीच राज्य में नई सरकार के मुखिया के रूप में सम्राट चौधरी के पदभार संभालने के बाद जदयू की सक्रियता बढ़ी है। पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे और राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से व्यवस्थित करने में जुटी हुई है। इस बैठक को उसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, वर्तमान परिस्थिति में जदयू के लिए यह बैठक बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। इसमें यह तय किया जा सकता है कि पार्टी सरकार में किस तरह की भूमिका निभाएगी और किन मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं तय करेगी। साथ ही, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इधर, सत्ता परिवर्तन के साथ ही आवास को लेकर भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग को खाली कर सकते हैं। इसके बाद इस आवास में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रवेश होगा। वहीं, नीतीश कुमार का नया निवास 7 सर्कुलर रोड होगा, जहां वे स्थानांतरित होंगे। यह भी बताया जा रहा है कि 7 सर्कुलर रोड पर स्थानांतरण के बाद नीतीश कुमार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पड़ोसी बन जाएंगे, जिससे राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह पूरा घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रहा है। एक ओर जहां नई सरकार अपनी कार्यशैली को स्थापित करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर जदयू भी अपनी स्थिति मजबूत करने और भविष्य की रणनीति तय करने में लगी हुई है। 20 अप्रैल को होने वाली जदयू विधायक दल की बैठक राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। इस बैठक से न केवल पार्टी के अंदरूनी समीकरण स्पष्ट होंगे, बल्कि सरकार में उसकी भूमिका और आने वाले दिनों की रणनीति का भी खाका सामने आ सकता है।


