शादी में गैस सिलेंडर के नए नियम से बढ़ी परेशानी, रसोइयों के पंजीकरण नंबर की अनिवार्यता पर सवाल

  • आवेदन प्रक्रिया जटिल होने से लोग परेशान, अधिकांश रसोइयों के पास नहीं है पंजीकरण नंबर
  • जिला प्रशासन ने तय किए दस्तावेज और शुल्क, गैस एजेंसियों को उपलब्धता के आधार पर आपूर्ति का निर्देश

पटना। बिहार की राजधानी पटना में शादी समारोहों के दौरान वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर लागू किए गए नए नियमों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब शादी में गैस सिलेंडर लेने के लिए रसोइए का पंजीकरण नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के लागू होते ही लोगों में असमंजस और नाराजगी देखने को मिल रही है। दरअसल, अधिकांश रसोइयों के पास कोई आधिकारिक पंजीकरण नंबर नहीं होता है। ऐसे में लोग आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस नई व्यवस्था ने शादी की तैयारियों में जुटे परिवारों के लिए अतिरिक्त परेशानी खड़ी कर दी है। जिला प्रशासन के निर्देश के मुताबिक, शादी समारोह के लिए वाणिज्यिक गैस सिलेंडर प्राप्त करने हेतु आवेदन अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। आवेदन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि गैस का उपयोग केवल वैवाहिक कार्यक्रम के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही आवेदक को कई आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों में शादी का मूल निमंत्रण पत्र, आधार कार्ड की प्रति, गैस कनेक्शन पुस्तिका की प्रति, मेहमानों की संख्या, रसोइए का नाम और पता तथा उसका पंजीकरण नंबर शामिल है। इन सभी कागजातों के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी में अब तक 100 से अधिक लोगों ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के लिए आवेदन किया है। पटना सदर अनुमंडल कार्यालय में लगातार आवेदन जमा हो रहे हैं। इन आवेदनों की जांच विपणन अधिकारी द्वारा की जा रही है, जिसके बाद उन्हें गैस एजेंसियों के पास भेजा जा रहा है। हालांकि, एक और समस्या यह सामने आ रही है कि जिला प्रशासन द्वारा भेजे जा रहे आवेदनों में सिलेंडरों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया जा रहा है। ऐसे में गैस एजेंसियों को उपलब्धता के आधार पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई हो रही है। इस नई व्यवस्था के तहत सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आवेदकों को प्रति सिलेंडर 2400 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 2,353 रुपये 50 पैसे निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिलेंडर वापस करने पर सुरक्षा राशि वापस कर दी जाएगी। लोगों का कहना है कि पहले जहां घरेलू गैस सिलेंडर के माध्यम से शादी समारोहों का काम आसानी से हो जाता था, वहीं अब नई प्रक्रिया ने अनावश्यक जटिलता बढ़ा दी है। खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का कारण बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना और घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, लेकिन इसके साथ ही आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, तो इस तरह की समस्याओं से बचा जा सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कदम गैस आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और दुरुपयोग रोकने के लिए उठाया गया है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पटना में शादी समारोहों के लिए गैस सिलेंडर को लेकर लागू नई व्यवस्था ने लोगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जहां एक ओर प्रशासन इसे व्यवस्था सुधार का कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता इसे जटिल और परेशानी भरा मान रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस व्यवस्था में किस प्रकार सुधार किया जाता है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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