एप्सटीन फाइल्स का खुलासा रोकने और अडानी को मुकदमे से बचाने के लिए मोदी जी ने देश की संप्रभुता गिरवी रखी: गरीब दास

पटना। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीब दास ने AI summit के दौरान युवा कांग्रेस ने क्यों कहा PM is compromised सवाल का जवाब दिया। गरीब दास ने कहा कि बलात्कारी यौन अपराधी एप्सटीन के साथ दुनिया भर के जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें अधिकतर लोग छोटी बच्चियों का यौन शोषण करते देखे जा रहे हैं। एप्सटीन फाइल्स के उन खुलासों से दुनिया भर में हड़कंप है। हमारे देश के लिए शर्म की बात ये है कि एप्सटीन फाइल्स में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी नाम सामने आया है। सिर्फ प्रधानमंत्री जी ही नहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी के नाम भी एप्सटीन फाइल्स में हैं।गरीब दास में कहा कि उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिकी अदालत में मुकदमे चल रहे हैं और मोदी सरकार अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए अडानी को अमेरिकी अदालत के नोटिस नहीं दे पा रही है। अमेरिका ने इन्हीं स्थितियों का फायदा उठाते हुए मोदी जी को ब्लैकमेल करना शुरू किया और भारत पर ट्रेड डील थोप दी गई। मतलब एप्सटीन फाइल्स के खुलासों को रोकने और अडानी को अमेरिकी अदालतों से बचाने के लिए देश के किसानों और देश की संप्रभुता की बली दे दी गई। इस ट्रेड डील से भारत का कृषी बाजार अमेरिका के लिए खुल जाएगा। अमेरिका अपना कृषी उत्पाद अपनी तय कीमतों पर भारत में बेचेगा। इस ट्रेड डील से अमेरिका भारत में अपना उद्योग अपनी शर्तों पर लगाएगा। इस ट्रेड डील से भारत के उत्पादों पर अमेरिका 18 प्रतिशत टैक्स वसूलेगा जबकि भारत में उसके उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। जाहिर है उसके उत्पाद भारत में बहुत सस्ते होंगे और उसके सस्ते उत्पादों के सामने भारतीय उत्पाद महंगे होंगे। गरीब दास ने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील से 140 करोड़ भारतीयों का डाटा अमेरिका को सौंपा जाएगा। जो कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा होगा। गरीब दास ने कहा कि इस ब्लैकमेलिंग का ही नतीजा है कि अमेरिका ने रूस, इरान और खाड़ी देशों से पेट्रोलियम खरीद पर रोक लगा दी। जबकि उन देशों से भारत को सस्ता पेट्रोलियम मिल रहा था। इस ब्लैकमेलिंग का ही नतीजा है कि भारत अब अमेरिकी आदेश का मोहताज हो गया है। अमेरिका ये तय कर रहा है कि भारत कौन सा व्यापार किस देश से करेगा। भारत की विदेश नीति अब ट्रंप तय कर रहे हैं। मतलब, करे कोई और भरे कोई। करें मोदी जी और अडानी जी और भरे पूरा देश। गरीब दास ने कहा कि हमारे 14 साथी देश विरोधी इस ट्रेड डील के खिलाफ संघर्ष करते हुए दिल्ली के तिहाड़ जेल गए। ज़रूरत पड़ी तो अपनी मातृभूमि की खातिर हमारे और साथी भी जेल जाएंगे लेकिन इस राष्ट्रविरोधी डील को खत्म करवा कर रहेंगे। संवाददाता सम्मेलन में विकाश कुमार झा, खुशबू कुमारी , विशाल यादव, सोनू ठाकुर मौजूद थे।

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