नालंदा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, तालाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत
- मड़वा की रस्म के दौरान स्नान करते समय हादसा, घंटों की तलाश के बाद निकाले गए शव
- राज्य में मौसम का बदला मिजाज, आंधी-बारिश का अलर्ट, भीषण गर्मी के बीच राहत और खतरा दोनों
नालंदा। नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। यह हादसा सोमवार को उस वक्त हुआ जब गांव में चल रही शादी की रस्म के दौरान महिलाएं स्नान के लिए तालाब गई थीं और दोनों बच्चियां भी उनके साथ चली गईं। मृत बच्चियों की पहचान रामबली राम की 14 वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी और दुखन राम की 13 वर्षीय बेटी राधा कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गांव में पवन राम की बेटी की शादी थी और मड़वा की पारंपरिक रस्म के तहत महिलाएं तालाब में स्नान करने गई थीं। रस्म पूरी होने के बाद अधिकांश लोग वापस लौट आए, लेकिन खुशबू और राधा का कहीं पता नहीं चला। जब काफी देर तक दोनों बच्चियां घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में तालाब की ओर दौड़े और खोजबीन शुरू की। स्थानीय युवकों ने करीब तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के तहत इंजेक्शन भी दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और शादी वाले घर की खुशियां पल भर में गम में बदल गईं। पड़ोसी भरत राम ने बताया कि दोनों बच्चियों के पिता उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। खुशबू के पिता आंध्र प्रदेश में काम करते हैं, जबकि राधा के पिता हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना के समय घर पर केवल रिश्तेदार मौजूद थे, जो शादी के कार्यों में व्यस्त थे। खुशबू चार बहनों में सबसे छोटी थी और पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी, जबकि राधा तीन भाइयों की इकलौती बहन थी और सातवीं कक्षा की छात्रा थी। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। पिता के लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों की चीत्कार से माहौल और भी भारी हो गया है। इसी बीच राज्य में मौसम का मिजाज भी तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने बिहार के 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 14 जिलों के लिए नारंगी और 24 जिलों के लिए पीला अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राज्य के कई हिस्सों में हाल के दिनों में आंधी और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। अररिया, समस्तीपुर और नालंदा के कई क्षेत्रों में तेज आंधी चली, जिससे पेड़ गिरने और दीवार ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। एक मामले में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग महिला की मौत भी हो गई। देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के बांदा में 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी पारा 46 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिलहाल तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन मई के पहले सप्ताह से फिर गर्मी बढ़ने और लू चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नालंदा की यह दुखद घटना जहां एक परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गई है, वहीं मौसम के बदलते हालात भी लोगों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रहे हैं। प्रशासन और लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


