सोना और चांदी के दामों में तेजी, सोना 1.60 लाख और चांदी 2.73 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार
- वैश्विक परिस्थितियों और बाजार की मांग के कारण कीमती धातुओं के दामों में उतार-चढ़ाव जारी
नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और बाजार में बढ़ती मांग के कारण कीमती धातुओं के दाम लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। 10 मार्च को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हो गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में लगभग 1,700 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद सोने का भाव लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया है। इससे पहले सोने की कीमत करीब 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी।
चांदी के दामों में भी तेज उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। सर्राफा बाजार के अनुसार एक किलोग्राम चांदी का भाव लगभग 13,000 रुपये बढ़कर 2.73 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। इससे पहले चांदी की कीमत करीब 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थी। कीमती धातुओं के दामों में आई इस तेजी के कारण निवेशकों और खरीदारों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे निवेश के लिए अच्छा अवसर मान रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
पिछले महीनों में भी रहा उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। जनवरी के अंत में सोने की कीमत अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। उस समय सोने का भाव लगभग 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसी तरह चांदी की कीमत भी उस समय लगभग 3.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में कुछ गिरावट देखी गई, जिससे खरीदारों और निवेशकों की रुचि फिर से बढ़ने लगी।
इस वर्ष की शुरुआत से लगातार बढ़ रहे दाम
वर्ष 2026 की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले वर्ष के अंत में सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर करीब 1.60 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इस तरह इस वर्ष अब तक सोने की कीमत में लगभग 27,000 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चांदी के दामों में भी इसी तरह की तेजी देखी गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष चांदी की कीमत में करीब 42,000 रुपये तक की वृद्धि हो चुकी है।
वैश्विक परिस्थितियों का पड़ता है असर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू बाजार की स्थिति पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों का भी इन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वैश्विक आर्थिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव जैसे कई कारक इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। ऐसी स्थिति में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर यदि अमेरिका की अर्थव्यवस्था से जुड़े आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं तो अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत हो सकती है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और बाजार में गिरावट भी आ सकती है।
सोना खरीदते समय बरतें सावधानी
सर्राफा बाजार के जानकार उपभोक्ताओं को सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्किंग यह सुनिश्चित करती है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। यह प्रमाणन एक विशेष अल्फा-न्यूमेरिक कोड के रूप में सोने के आभूषण पर अंकित होता है, जिससे उसकी गुणवत्ता की पहचान की जा सकती है।
कैरेट और कीमत का अंतर समझना जरूरी
सोने की कीमत उसके कैरेट के आधार पर अलग-अलग होती है। सामान्यतः बाजार में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के सोने की बिक्री होती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि आभूषण बनाने के लिए अधिकतर 22 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है। इस कारण सोना खरीदने से पहले उसके कैरेट और शुद्धता की जानकारी होना जरूरी है। इसके साथ ही उस दिन के बाजार भाव की भी जांच करनी चाहिए ताकि सही कीमत पर खरीदारी की जा सके।
निवेश के लिहाज से बनी हुई है रुचि
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच सोना और चांदी निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में देखे जाते हैं। इसी कारण निवेशकों की इन धातुओं में रुचि बनी रहती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेश या खरीदारी करते समय बाजार की स्थिति और कीमतों के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
आगे भी जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं और निवेशकों की मांग इनकी कीमतों को प्रभावित करती रहेंगी। ऐसे में बाजार में निवेश करने वाले लोगों और खरीदारों को सावधानी और सही जानकारी के साथ निर्णय लेने की जरूरत है। फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में आई हालिया तेजी ने एक बार फिर इन कीमती धातुओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


