बिहार से जाने के लिए पटना जंक्शन पर उमड़ी प्रवासियों की भीड़, ट्रेनों में यात्रियों की होड़, ट्रेन के अंदर जगह नहीं
पटना। होली का पर्व समाप्त होते ही बिहार से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने-अपने कार्यस्थलों की ओर लौटने लगे हैं। इसका सीधा असर राजधानी के प्रमुख रेलवे स्टेशन पटना जंक्शन पर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार शाम यहां का दृश्य काफी व्यस्त और भीड़भाड़ वाला रहा। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई यात्री ट्रेन में चढ़ने और सीट पाने के लिए काफी मशक्कत करते नजर आए। यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई डिब्बों में खड़े होकर सफर करने की नौबत आ गई। कुछ डिब्बों में एक ही सीट पर तीन-तीन यात्री बैठकर यात्रा करते दिखाई दिए। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के पहुंचते ही यात्रियों के बीच सीट पाने की होड़ मच गई, जिससे अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई।
दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़
होली के बाद सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में देखी जा रही है। शुक्रवार को संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ये दोनों ट्रेनें बिहार से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख साधन मानी जाती हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में यात्री एक साथ डिब्बों की ओर दौड़ पड़े। सीट पाने के लिए लोगों में काफी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कई यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली के बाद हर साल इसी तरह की स्थिति बनती है, क्योंकि बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर त्योहार मनाने के लिए अपने गांव आते हैं और फिर छुट्टियां खत्म होने के बाद वापस काम पर लौटते हैं।
प्रवासी मजदूरों की मजबूरी
पटना जंक्शन पर मौजूद कई यात्रियों ने अपनी परेशानियां भी साझा कीं। वैशाली जिले के अमरजीत सिंह ने बताया कि वे दिल्ली में मार्बल और टाइल्स लगाने का काम करते हैं। होली का त्योहार मनाने के लिए वे अपने गांव आए थे, लेकिन अब काम पर लौटना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस समय ट्रेनों में इतनी भीड़ है कि सीट मिलना मुश्किल हो गया है। काफी कोशिशों के बाद उन्हें ट्रेन में जगह मिल पाई। अमरजीत ने यह भी कहा कि कई बार विशेष ट्रेनों में सफर करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे अक्सर 20 से 25 घंटे तक देर से पहुंचती हैं। इसी वजह से उन्होंने संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से यात्रा करना बेहतर समझा, क्योंकि यह ट्रेन सामान्य तौर पर समय पर चलती है।
रेलवे ने किए विशेष इंतजाम
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भी विशेष तैयारियां की हैं। दानापुर रेल मंडल की ओर से पटना और दानापुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों को ट्रेन आने से पहले व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा, ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम रहे और अफरातफरी की स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने में भी सुविधा होगी। रेलवे का मानना है कि यदि यात्रियों को पहले से व्यवस्थित रखा जाए तो प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ बढ़ने की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन
यात्रियों की संख्या को देखते हुए रेलवे ने कई विशेष ट्रेनों का भी संचालन शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार नियमित ट्रेनों के अलावा नौ फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों को भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि ट्रेनों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यात्रियों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। पटना से राजगीर, पुरी और नई दिल्ली के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं दानापुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, बेंगलुरु और चर्लपल्ली के लिए भी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए पटना और राजगीर के बीच भी एक विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
स्टेशन पर मेडिकल टीम तैनात
पटना जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने मेडिकल टीम भी तैनात की है। भीड़ और संभावित आपात स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था स्टेशन परिसर में की गई है। मेडिकल टीम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके। भीड़भाड़ के दौरान कई बार यात्रियों को थकान, घबराहट या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए यह व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था भी की गई मजबूत
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रेल सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कुछ स्थानों पर डॉग स्क्वायड की मदद भी ली जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। इसके साथ ही स्टेशन परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को होल्डिंग एरिया में व्यवस्थित रखने और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण ट्रेनों में चढ़ने के दौरान अफरातफरी की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकेगा। आने वाले दिनों में भी यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ व्यवस्था संभालने में जुटा हुआ है।


