बेगूसराय में दो पक्षों में खूनी झड़प, पीट-पीटकर युवक की हत्या, बच्चों के बीच हुआ था विवाद

बेगूसराय। जिले के बलिया थाना क्षेत्र के नूरजमापुर वार्ड-छह में बुधवार की रात एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण घटना हुई। दो पक्षों में शुरू हुआ साधारण विवाद देखते-देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक 25 वर्षीय युवक रणवीर कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना गुरुवार को सामने आई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और गांव में भय और आक्रोश दोनों का माहौल बन गया।
बच्चों के बीच विवाद से शुरू हुई बात
घटना की शुरुआत बच्चों के बीच हुए एक छोटे से विवाद से मानी जा रही है। मृतक रणवीर कुमार और उनके पड़ोसी नरेश यादव के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। आमतौर पर बच्चों के विवाद पर बड़े समझा-बुझाकर मामला शांत करा देते हैं, लेकिन इस मामले में स्थिति उलट गई। बच्चों की छोटी टकराव की बात धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच तनाव का कारण बन गई और देखते ही देखते वयस्कों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
लाठी-डंडों से की गई निर्मम पिटाई
मृतक के परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नरेश यादव और उसके परिवार के कई लोगों ने मिलकर रणवीर कुमार पर हमला कर दिया। वे लाठी-डंडों से उसे तब तक पीटते रहे जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण कोई रोक नहीं पाया। घटना इतनी तेजी से हुई कि रणवीर को बचाने का मौका ही नहीं मिला।
पुलिस की कार्रवाई और एफएसएल टीम की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशिक्षु आईपीएस सह डीएसपी साक्षी कुमारी, थानाध्यक्ष विकास कुमार राय और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से सबूत इकट्ठा किए और परिस्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के परिवार से पूछताछ कर घटना की पूरी जानकारी हासिल की। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत छापेमारी शुरू की गई है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे।
मृतक रणवीर कुमार का परिवार बेहाल
रणवीर कुमार नूरजमापुर निवासी नाथो यादव के बड़े पुत्र थे। वर्ष 2021 में उनकी शादी मधेपुरा के शिव कुमार यादव की पुत्री आरती कुमारी से हुई थी। रणवीर की दो वर्षीय बेटी लक्ष्मी कुमारी है, जो अभी इतनी छोटी है कि समझ भी नहीं पा रही कि उसके परिवार में कितना बड़ा हादसा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रणवीर स्थानीय बाजार में मोटिया मजदूरी किया करते थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार की आर्थिक और भावनात्मक स्थिति को गहरा झटका दिया है। माता-पिता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक और भय का वातावरण बना हुआ है।
स्थानीय लोगों में बढ़ा तनाव
इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि एक मामूली विवाद का इस तरह रक्तपात में बदल जाना समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को दर्शाता है। गांव में सुरक्षा की भावना कमजोर हुई है और लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि पहले ऐसी स्थितियों में पंचायत या आपसी समझौते से बात सुलझ जाती थी, लेकिन अब असहिष्णुता बढ़ने के कारण छोटी-छोटी बातों पर भी हिंसा होने लगी है।
पुलिस की प्राथमिकता—दोषियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने साफ किया है कि आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। थानाध्यक्ष विकास कुमार राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अब छापेमारी के जरिए मुख्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। पुलिस गांव में गश्त भी बढ़ा रही है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। बेगूसराय की यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा है बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि छोटी-सी बात को लेकर हिंसा का रास्ता अपनाना कितना विनाशकारी हो सकता है। बच्चों के विवाद को लेकर शुरू हुआ झगड़ा एक युवा की जान ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि दोषियों को सख्त सजा दिलाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बहाल किया जाए।

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