February 23, 2026

चुनावी ऐलान के बाद पटना में एनडीए की बैठक आज, सीट शेयरिंग पर मंथन, बनेगी आगामी रणनीति

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सभी दल अपनी-अपनी रणनीति तय करने में जुट गए हैं। इसी क्रम में आज पटना में एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। यह बैठक इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि चुनावी ऐलान के बाद पहली बार एनडीए के सभी घटक दल—भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)—एक मंच पर एक साथ जुटने जा रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीट बंटवारे पर चल रहे विवाद को सुलझाना और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना बताया जा रहा है।
सीट बंटवारे पर अटकी सहमति
गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। भाजपा और जदयू के बीच सीटों का प्रारंभिक तालमेल बन गया है, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के बीच सहमति बनना अभी बाकी है। खासतौर पर चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के बीच सीटों के बंटवारे पर मतभेद जारी हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। यही वजह है कि एनडीए के भीतर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सीटों के समीकरण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा की मध्यस्थता की कोशिश
एनडीए की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी भाजपा इस मतभेद को दूर करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रही है। बताया जा रहा है कि भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में दिल्ली में चिराग पासवान से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में सीटों के बंटवारे पर बातचीत की गई, लेकिन वार्ता पूरी तरह से सफल नहीं हो सकी। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि गठबंधन के सभी घटक दल एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरें ताकि विपक्षी गठबंधन के मुकाबले एनडीए की स्थिति मजबूत बनी रहे।
रणनीति निर्माण पर होगा मंथन
आज की बैठक में सीट बंटवारे के अलावा प्रचार रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में यह तय किया जाएगा कि किन मुद्दों को चुनाव प्रचार में प्रमुखता दी जाएगी और किन नेताओं को किस क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही, उम्मीदवारों के चयन और क्षेत्रवार समन्वय पर भी विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि भाजपा और जदयू मिलकर चुनाव अभियान का रोडमैप तैयार करेंगे, जबकि लोजपा रामविलास और हम को उनके जनाधार वाले इलाकों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी।
मतभेदों के बावजूद एकता की कोशिश
हालांकि गठबंधन के भीतर मतभेद अभी बरकरार हैं, परंतु सभी दल यह भली-भांति समझते हैं कि एकजुट रहकर ही चुनाव में सफलता प्राप्त की जा सकती है। यदि सीट बंटवारे पर समय रहते सहमति नहीं बन पाई, तो इसका नकारात्मक असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है। इसलिए आज की बैठक में सभी दलों से समझौते का रास्ता निकालने की अपील की जाएगी। भाजपा और जदयू के बीच पहले से बना सामंजस्य इस दिशा में सहायक हो सकता है।
संभावित राजनीतिक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज की बैठक से बिहार की राजनीति को बड़ा संकेत मिल सकता है। यदि एनडीए आपसी मतभेदों को सुलझाकर एक साझा रणनीति तैयार करने में सफल हो जाता है, तो विपक्षी दलों के लिए चुनौती बढ़ जाएगी। वहीं, यदि बैठक में सहमति नहीं बन पाई, तो गठबंधन में दरार के संकेत भी मिल सकते हैं। ऐसी स्थिति में कई क्षेत्रों में सीटों का पुनर्वितरण करना पड़ सकता है, जिससे चुनावी तैयारी प्रभावित हो सकती है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की यह बैठक आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। एक ओर जहां भाजपा और जदयू अपने पुराने तालमेल को बनाए रखने में सफल दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोजपा रामविलास और हम की नाराजगी अब भी चुनौती बनी हुई है। आज होने वाली बैठक में यदि सभी दलों के बीच सहमति बन जाती है, तो एनडीए एकजुट होकर बिहार चुनाव में उतरने की स्थिति में होगा। वहीं यदि मतभेद बने रहते हैं, तो यह गठबंधन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, आज की बैठक से बिहार की चुनावी राजनीति के अगले चरण का स्वरूप तय होगा और यह स्पष्ट होगा कि एनडीए किस हद तक एकजुट होकर मैदान में उतर पाएगा।

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