पटना में अपराधियों और पुलिस का एनकाउंटर, रमाकांत यादव हत्याकांड के आरोपी अंशु को लगी गोली

पटना। पटना में अपराधियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ की घटना ने एक बार फिर से बिहार की कानून-व्यवस्था और अपराध जगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने जिस अपराधी को गोली लगी है, वह चर्चित बालू कारोबारी रमाकांत यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। इस घटना में घायल अपराधी अंशु शर्मा जो की रानी तलब थाना क्षेत्र के कब गांव का निवासी है उसे पुलिस ने लखनऊ में गिरफ्तार किया था गिरफ्तारी को प्राप्त उसे पटना लाया गया था इस क्रम में उसने सुनियोजित साजिश के तहत भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे फिर से पकाने का प्रयास किया मुठभेड़  के दौरान आरोपी को गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उसका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में चल रहा है। पुलिस अंशु शर्मा को लेकर जा रही थी कि अचानक अपराधियों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी। इसी दौरान एक गोली अंशु को लगी और वह वहीं गिर पड़ा। उसके घायल होते ही पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। विदित होकर कुछ दिनों पूर्व पालीगंज के बालू माफिया रमाकांत यादव की हत्या ने बीते दिनों पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। यह मामला न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार में सुर्खियों में रहा। रमाकांत यादव इलाके का सबसे बड़ा बालू माफिया था और उनका स्थानीय स्तर पर खासा दबदबा था। हत्या के बाद पुलिस पर दबाव था कि वह जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करे और मामले का पर्दाफाश करे। इसी कड़ी में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह संगठित अपराध से जुड़ा हुआ था और इलाके में आतंक का माहौल बनाए रखता था। रमाकांत यादव की हत्या के बाद उसने फरार होकर खुद को छिपा लिया था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर आखिरकार उस तक पहुंच ही गई। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। चाहे अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अपराधियों को चेतावनी है कि अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और पुलिस पर हमला करेंगे, तो कड़ी कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, इस घटना से स्थानीय लोगों में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोग मानते हैं कि अगर इसी तरह अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी तो अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि केवल एनकाउंटर ही समाधान नहीं है, बल्कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर उसका सफाया करना जरूरी है।

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