पटना में शॉर्ट सर्किट से घर के बेसमेंट में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने पाया काबू
पटना। राजीव नगर इलाके में शुक्रवार सुबह एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई, जिसने स्थानीय निवासियों में हड़कंप मचा दिया। यह आग एक रिहायशी मकान के बेसमेंट में लगी थी, जहां फर्नीचर और पेंट जैसी ज्वलनशील वस्तुएं रखी हुई थीं। समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़े हादसे को टाल दिया गया।
आग लगने की शुरुआत
घटना राजीव नगर के रोड नंबर 13 स्थित अशोक सिंह के मकान में हुई। सुबह के समय अचानक मकान के बेसमेंट से घना धुआं निकलने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके में आग फैलने का खतरा अधिक था, इसलिए लोग तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
मौके पर राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। जिला अग्निशमन अधिकारी मनोज नट के अनुसार, आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि बेसमेंट पूरी तरह धुएं से भर गया था। दमकल कर्मियों को अंदर घुसकर आग बुझानी पड़ी, जो जोखिम भरा काम था। हालांकि, उनकी तत्परता के कारण आग को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
आग लगने का संभावित कारण
फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बेसमेंट में रखी गई पेंट की बाल्टियां और फर्नीचर जैसे सामान ने आग को तेजी से फैलाने में योगदान दिया। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आग लगने के सही कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।
स्थानीय निवासियों की भूमिका
आग लगते ही आसपास के लोगों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और प्रभावित मकान से सुरक्षित दूरी बना ली। कुछ लोगों ने शुरुआती प्रयास में आग बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन धुएं और लपटों की वजह से यह संभव नहीं हो पाया। फायर ब्रिगेड को समय पर सूचना देने और रास्ता खाली कराने में स्थानीय लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
यह इलाका घनी आबादी वाला है और आग फैलने की स्थिति में आसपास के कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे। फायर ब्रिगेड की तेज प्रतिक्रिया और मौके पर मौजूद कर्मियों के त्वरित एक्शन ने इस खतरे को टाल दिया। यदि आग को बुझाने में थोड़ी भी देरी होती, तो भारी संपत्ति का नुकसान और जनहानि हो सकती थी।
जांच और सावधानी के उपाय
फायर विभाग ने इस घटना के बाद इलाके के निवासियों को विद्युत उपकरणों और वायरिंग की समय-समय पर जांच कराने की सलाह दी है। साथ ही, बेसमेंट या किसी भी बंद स्थान में ज्वलनशील वस्तुएं बड़ी मात्रा में न रखने की चेतावनी दी गई है। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि थोड़ी सी लापरवाही से भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। पटना की इस आगजनी की घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना अत्यंत जरूरी है। बिजली के उपकरणों की नियमित जांच, आग बुझाने के साधनों की उपलब्धता और समय पर कार्रवाई ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे कारगर तरीका है।


