September 28, 2026

दिल्ली में खड़गे आवास पर इंडिया गठबंधन की बैठक आज, चुनाव में सीट शेयरिंग पर चर्चा, तेजस्वी समेत कई होंगे शामिल

नई दिल्ली। आज नई दिल्ली में विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हो रही है, जिसमें बिहार समेत देशभर के विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता भाग ले रहे हैं। इस बैठक को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव और राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेजस्वी यादव सहित कई नेता हो रहे शामिल
बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, तथा महागठबंधन के अन्य प्रमुख घटक दलों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। यह पहली औपचारिक बैठक है जिसमें बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग यानी सीटों के बंटवारे पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। विपक्षी दलों के बीच तालमेल और एकजुटता बनाए रखने के लिए यह बैठक निर्णायक मानी जा रही है।
मानसून सत्र की रणनीति भी एजेंडे में
बैठक में केवल बिहार चुनाव ही नहीं, बल्कि संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा की जा रही है। विपक्षी दल सरकार को कई प्रमुख मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहे हैं। इसमें बेरोजगारी, महंगाई, किसान समस्याएं, और संविधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है। बैठक में यह तय किया जा रहा है कि विपक्ष किस तरीके से संसद में अपनी आवाज प्रभावी रूप से उठा सके।
विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर चिंता
बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में किए जा रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। बिहार में इस प्रक्रिया के तहत 12 से 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर व्यापक अनियमितताएं हो रही हैं और इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करना है। इस संदर्भ में विपक्षी दलों का मानना है कि मोदी सरकार चुनाव आयोग के माध्यम से संविधान को कमजोर करने और चुनावी लाभ के लिए मतदाता सूची में हेराफेरी करने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का यह भी आरोप है कि यह प्रक्रिया केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देशभर में लागू की जा सकती है।
पिछली बैठक का संदर्भ और आगे की दिशा
गौरतलब है कि इससे पहले 15 अप्रैल को भी मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी। उस बैठक के बाद समन्वय समिति (को-ऑर्डिनेशन कमेटी) का गठन किया गया था, जो गठबंधन के भीतर तालमेल और निर्णय प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए जिम्मेदार है। आज की बैठक उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है, जिसमें अब ठोस चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे पर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली में हो रही यह बैठक विपक्षी एकता को मजबूती देने और आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए साझा रणनीति तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सीट शेयरिंग की प्रक्रिया आसान नहीं होती, लेकिन यदि विपक्ष इसमें सफलता पाता है तो यह बिहार ही नहीं, बल्कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है। वहीं, मतदाता पुनरीक्षण को लेकर उठाए गए सवाल इस बात की ओर संकेत करते हैं कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष कितनी गंभीरता से नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह बैठक विपक्ष के लिए कितनी सफल और असरदार साबित होती है।

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