सारण में 12वीं की छात्रा से गैंगरेप, चार युवकों की हैवानियत, छापेमारी जारी
सारण। बिहार के सारण जिले के छपरा में एक 12वीं कक्षा की छात्रा के साथ चार युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जघन्य वारदात बुधवार की शाम कोपा थाना क्षेत्र के एक गांव में घटी, जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक सभी आरोपी फरार हैं। पीड़िता के परिजनों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम को छात्रा अपने घर के पास के बगीचे से लौट रही थी कि चार युवकों ने उसे अकेला देखकर घेर लिया। आरोपियों ने उसे जबरन बगीचे में ले जाकर सामूहिक बलात्कार किया। विरोध करने पर उसकी पिटाई भी की गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पीड़िता ने साहस दिखाते हुए अपने परिजनों को आरोपियों के नाम बताए, जिसके बाद कोपा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता को महिला कांस्टेबल्स के साथ छपरा सदर अस्पताल भेजा, जहां उसका मेडिकल परीक्षण किया गया। कोपा थानाध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि मामले में भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 376(डी), 323 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि, छपरा के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने इस घटना को “गैंगरेप” नहीं बताया, बल्कि उन्होंने कहा कि चार में से एक व्यक्ति ने ही यौन हिंसा की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने सारण जिले में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिक संगठनों ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए त्वरित न्याय की मांग की है। जलालपुर प्रखंड में यह पिछले एक महीने में चौथी ऐसी घटना है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। यह घटना बिहार में नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की एक कड़ी है। पिछले कुछ हफ्तों में सारण जिले में ही 10 साल की एक बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या का मामला सामने आया था, जिसमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में भी नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले सामने आए हैं। सारण जिले में 12वीं की छात्रा के साथ हुई यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है, बल्कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा करती है। पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को और सख्त कदम उठाने होंगे। अब यह देखना होगा कि क्या पीड़िता को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी बिहार के लंबित यौन हिंसा के मामलों की फाइल में दर्ज होकर रह जाता है।


