रोहिणी का सरकार पर हमला, तेजस्वी के एक्सीडेंट को बताया साजिश, लगाए कई आरोप

पटना। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शुक्रवार की रात एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार होते-होते बचे। हादसा उस समय हुआ जब तेजस्वी यादव मधेपुरा से पटना लौट रहे थे। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर हाईवे पर गोरौल के पास तेजस्वी के काफिले में शामिल गाड़ियों को एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी। इस टक्कर में तेजस्वी की गाड़ी से महज पांच फीट की दूरी पर मौजूद अन्य गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
तेजस्वी ने खुद पहुंचाया घायलों को अस्पताल
हादसे के बाद तेजस्वी यादव ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए घायलों को नजदीकी सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वे खुद अस्पताल में मौजूद रहे और घायल सुरक्षाकर्मियों की स्थिति का जायजा लिया। हादसा रात लगभग 1:30 बजे हुआ, जब तेजस्वी अपने काफिले के साथ गाड़ी से उतरकर चाय पीने के लिए रुके हुए थे। इतने में ट्रक आकर तेज गति में पीछे से टक्कर मार गया, जिससे काफिले की दो-तीन गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
रोहिणी आचार्य ने लगाया साजिश का आरोप
हादसे के बाद तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने इसे केवल एक सड़क दुर्घटना न मानते हुए साजिश करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि तेजस्वी को नुकसान पहुंचाने की मंशा हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे एक ट्रक इतनी आसानी से तेजस्वी की गाड़ी के पांच फीट पास पहुंच गया? रोहिणी ने यह भी कहा कि पूर्व में भी तेजस्वी के काफिले के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कभी नहीं हुई।
प्रशासन ने लिया ट्रक चालक को हिरासत में
हादसे के तुरंत बाद सराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया। ट्रक चालक से पूछताछ जारी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश थी। स्थानीय टोल नाके से सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि घटनाक्रम की पुष्टि हो सके।
तेजस्वी ने जताई चिंता, पर संयमित बयान
तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले को लेकर संयमित रुख अपनाया और कहा कि दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है और इन मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है। तेजस्वी ने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसी घटनाओं के पीछे कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह हादसा जहां एक ओर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। तेजस्वी यादव एक बड़े राजनीतिक चेहरे हैं और उनके साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न केवल उनकी सुरक्षा बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और जांच का क्या निष्कर्ष निकलता है।
जनता में चिंता और प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद तेजस्वी समर्थकों और आम जनता में चिंता की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग तेजस्वी की सलामती की दुआ कर रहे हैं और इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है कि जब नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा ही दांव पर है तो आम जनता कितनी सुरक्षित है।