February 25, 2026

देश में 4026 के पार हुए कोरोना के मामले, केरल में सबसे ज्यादा मरीज, गंभीर रोग वाले लोग रहे सावधान

नई दिल्ली। देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 4026 तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा बीते दस दिनों की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है, जो संक्रमण के तेजी से फैलने की ओर संकेत करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर वे लोग जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
केरल और महाराष्ट्र में हालात चिंताजनक
राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बनकर सामने आया है। यहां एक्टिव केसों की संख्या 1435 है। इसके बाद महाराष्ट्र का स्थान है, जहां फिलहाल 506 सक्रिय मरीज हैं। यह स्थिति बताती है कि दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी बदलाव, जनसंख्या घनत्व और स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे कारण इन आंकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं।
कोविड से मौत के मामले भी बढ़े
कोरोना के मामलों के साथ-साथ मौत के आंकड़े भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। मई महीने से अब तक देश में कुल 34 मरीजों की कोविड संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है। हाल ही में दिल्ली में एक 22 वर्षीय युवती की कोविड से मौत ने लोगों को झकझोर दिया है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सामान्य रूप से स्वस्थ लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन वे लोग जिन्हें पहले से कोई गंभीर रोग है जैसे डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर, हाइपरटेंशन या किडनी की बीमारी, उन्हें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट की सक्रियता
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह कोविड सैंपल संग्रहण को लेकर बनाई गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) पर एक स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने केंद्र सरकार को 18 जुलाई तक यह रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट का कहना है कि अगली कोविड महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है और सरकार को कोविड सैंपल कलेक्शन, कोविड सेंटर और ट्रांसपोर्ट नीति जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी देनी चाहिए।
सरकार की तैयारियां और सतर्कता
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष मंत्रालय दोनों ही विभाग पूरी तरह से सतर्क हैं और सभी राज्यों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछली कोविड लहरों के दौरान बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट्स और आईसीयू बेड की स्थिति की समीक्षा कर ली गई है और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी है।
नागरिकों के लिए सुझाव
डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सावधानी बरतें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क का उपयोग करें और समय-समय पर हाथ धोते रहें। अगर किसी में बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नजर आएं, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। खासतौर पर बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हालात गंभीर जरूर हैं, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं कि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। नागरिकों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है, जितना कि सरकारी तैयारी। सतर्कता और जागरूकता से ही इस संक्रमण की नई लहर को रोका जा सकता है।

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