February 28, 2026

बिहटा में ससुराल की लालच बना मौत का कारण, कंकाल मिलने से मचा हड़कंप

बिहटा, (मोनु कुमार मिश्रा)। थाना क्षेत्र के केल्हनपुर गांव से लापता विवाहिता सुलेखा देवी का कंकाल रानीतालाब थाना क्षेत्र के कटारी बधार से बरामद हुआ। शव की पहचान कपड़ों और ताबीज के आधार पर मृतका के भाई हरेंद्र कुमार ने की। पुलिस ने कंकाल को जब्त कर डीएनए जांच के लिए भेज दिया है ताकि पहचान की पुष्टि की जा सके। सुलेखा देवी की शादी वर्ष 2018 में संजय यादव से हुई थी। 2022 में एक सड़क हादसे में पति की मौत के बाद से ही वह मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष उसकी संपत्ति हड़पना चाहता था। 13 मार्च को ससुराल वाले उसे बाइक से कहीं ले गए, जिसके बाद वह लौटकर नहीं आई। 24 मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर बताया कि सुलेखा को उसके ससुर और देवर जबरन ले गए थे। 25 मार्च को परिजन ससुराल पहुंचे तो वहां सुलेखा नहीं मिली। उनका छह वर्षीय बेटा डरा-सहमा था और मां के बारे में पूछने पर रोने लगा। 27 मार्च को बिहटा थाने में अपहरण व हत्या की आशंका में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। 3 अप्रैल को कटारी बधार में एक महिला का कंकाल मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में हरेंद्र कुमार ने शव की पहचान सुलेखा देवी के रूप में की। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ससुर मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपी—सास, ननद और बहनोई—फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। घटना के बाद गांव में आक्रोश है। ग्रामीण और परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। थाना प्रभारी राज कुमार पाण्डेय ने बताया कि कंकाल की पहचान मृतका के परिजनों ने की है, लेकिन पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिलाया गया है।

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