तेजस्वी ने आज बुलाई राजद विधायकों की बैठक, कहा- आसानी से दोबारा तख्तापलट होने नहीं देंगे
पटना। बिहार की राजनीति में इस समय सियासी घमासान मचा हुआ है। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक-दो दिन में इस्तीफा देकर भाजपा के साथ नई सरकार का गठन कर सकते हैं। इसी बीच बिहार विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने भी आगामी परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनी तैयारी को शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक आज दोपहर 1 बजे 10 सर्कुलर रोड रावड़ी आवास पर तेजस्वी यादव ने राजद विधायकों की मीटिंग को बुलाया है। आगामी स्थिति को लेकर रणनीति पर चर्चा होने जा रही है। इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि आसानी से तख्तापलट नहीं होने देंगे और इतनी आसानी से दोबारा ताजपोशी नहीं होने देंगे। हालांकि तेजस्वी ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक यह कहा गया है कि शुक्रवार शाम को लालू प्रसाद यादव ने पार्टी के बड़े नेताओं के साथ मीटिंग की और मीटिंग के दौरान तेजस्वी ने यह बातें कही। इन सबके बीच राष्ट्रीय जनता दल ने सियासी संकट से निपटने के लिए आज 1 बजे तेजस्वी यादव के सरकारी आवास 5 सर्कुलर रोड आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले राबड़ी आवास पर विधानसभा अध्यक्ष को भी राबड़ी आवास बुलाया गया है। वही राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी भी नीतीश के रवैये से नाराज दिखे। उन्होंने कहा, ‘कल नीतीश कुमार से मिलने का समय मांगा लेकिन अभी तक नहीं समय मिला है। हमने नीतीश को हड़काया भी. कहा कि क्या बात है, मेरे लिये समय नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि आज बताते हैं। नीतीश कुमार इतिहास में किस तरह से नाम दर्ज करवाएंगे। इसी बीच शुक्रवार देर शाम को एक चौंकाने वाली खबर सामने आई। सूत्रों के मुताबिक यह बताया गया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने लगातार पांच बार नीतीश कुमार को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन पर आकर बात करने से इनकार कर दिया। यह घटना इस और इशारा करती है कि बिहार में अब महागठबंधन की सरकार खतरे में है और किसी भी वक्त नीतीश कुमार राजभवन पहुंचकर इस्तीफा देंगे और नई सरकार का गठन करते हुए मुख्यमंत्री के रूप में फिर से एक बार शपथ लेंगे। उधर, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने भी बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं। पहले भी विधायकों को तोड़ने की कोशिश हुई है। एक एमएलसी पार्टी छोड़कर गया था। बिहार विधानसभा में संख्या की बात करें तो 243 सदस्यों वाले सदन में बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा 122 विधायकों का है। ऐसे में आरजेडी 79 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, वहीं बीजेपी 78 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर है। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 45 विधायकों के साथ तीसरे नंबर की पार्टी है। जबकि कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक हैं। यानि वर्तमान महागठबंधन में जदयू को अलग मान कर देखें तो विधायकों की संख्या यानि कुल सदस्य संख्या 114 पहुंचती है जो बहुमत के लिए जरूरी जादुई आंकड़े से आठ कम है।


