जदयू के शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री ने परिवारवाद पर जमकर बोला हमला, भारतरत्न पर केंद्र को दिया धन्यवाद

  • सीएम नीतीश बोले- कर्पूरी ठाकुर से सीखकर हमने भी कभी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया

पटना। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू ने बुधवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जनशताब्दी समारोह पटना के वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में धूमधाम से मनाया। जहां एक और इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम नीतीश ने अति पिछड़े वोट बैंक को अपने हित में लाने का प्रयास किया वही जदयू ने भी इस कार्यक्रम के माध्यम से गठबंधन में शामिल अपने दलों और विपक्ष में शामिल बीजेपी को अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया। बता दें कि मंगलवार को केंद्र सरकार के द्वारा जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के द्वारा सम्मानित करने की घोषणा की गई जिसके बाद जदयू ने इसका पूरा श्रेय नीतीश कुमार को दिया। कार्यक्रम में पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपनी संबोधन में अपने अंदाज में देश की राजनीति में पहले परिवारवाद पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजकल तो लोग अपने परिवार को ही आगे बढ़ाते हैं, लेकिन कर्पूरी जी कभी नहीं बढ़ाया। कर्पूरी जी से सीख कर हमने भी कभी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया। कौन क्या बोलता है, बोलते रहे। सीएम ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी रामनाथ ठाकुर जी को फोन किए, लेकिन हमको नहीं किए। तब भी प्रेस के माध्यम से हम उन्हें बढ़ाई देते हैं। अब खुदे वो क्रेडिट न लें। इसके पहले समस्तीपुर में कर्पूरी ठाकुर के गांव में सीएम ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपने बेटे को आगे नहीं बढ़ाया है। हमने अपने भाई को सांसद बनाया। सीएम ने कहा कि हम 2007 से मांग कर रहे थे।
अभी हम काम कर रहे हैं, करने दीजिए: मुख्यमंत्री
प्रेस वाले से आग्रह है केवल कर्पूरी जी के कार्यक्रम के बारे में ही छापिएगा। आप तो कुछ से कुछ मेरे बारे में पूछते रहते हैं। अभी हम काम कर रहे हैं, करने दीजिए। सीएम नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर को डायस पर बुलाया और कहा कि इन्हें भी धन्यवाद दीजिए।
हमलोग पूरे देश में चाहते थे जातीय गणना
हर घर बिजली पहुंचा दिया है। ऊर्जा मंत्री जी बिजली का काम करते रहते हैं। इन्हें भी बधाई दीजिए। हर घर जल से नल खुले में शौच से मुक्त और शुद्ध जल पीने का मिल जाए तो 90% बिमारियों से छुटकारा मिल सकता है। हमलोग पूरे देश में जातीय गणना चाहते थे, लेकिन हुआ नहीं तब हमने जातीय गणना कराया। इसमें हमने सभी परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी जायजा लिया। इसके बाद आबादी के हिसाब से हमने आरक्षण भी बढ़ाया। जो भी गरीब परिवार हैं, उनके लिए 2-2 लाख रुपए का इंतजाम कर दिए हैं। हमलोग की एक डिमांड तो मांग ली गई है और भी हमारी डिमांड मानें। हिन्दु-मुस्लिम हर जाति के लोगों को एकजुट होकर रहना चाहिए।
प्रेस के माध्यम से हम पीएम मोदी को बधाई देते हैं : सीएम नीतीश
कम से कम 2 लाख लोग यहां उपस्थित हैं। रास्ते में भी लोग खड़े हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां आए हैं। अब खुशी की बात है कि कर्पूरी जी को भरत रत्न मिला है। हम 2007 से लेकर 2023 तक लोगों को लिखते रहे। अनुरोध करते रहे, लेकिन लोग नहीं करते थे। इसके लिए मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद करता हूं। अब उन्होंने स्वीकार कर लिया। अब लोगों को लगने लगा है कि उनके कार्यों को स्वीकार करेंगे तभी आगे बढ़ेंगे। आज प्रधानमंत्री जी रामनाथ ठाकुर जी को फोन किए। लेकिन हमको नहीं किए. तब भी प्रेस के माध्यम से हम उन्हें बधाई देते हैं। अब खुद वो क्रेडिट ना लें। रामनाथ ठाकुर जी का हमलोग इज्जत करते हैं। आज कल तो लोग अपने परिवार को ही आगे बढ़ाते हैं। लेकिन, कर्पूरी जी कभी नहीं बढ़ाए। कर्पूरी जी से सीख कर हमने भी कभी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया। कौन क्या बोलता है बोलते रहे।
कर्पूरी के गांव जाकर नीतीश ने दी श्रद्धांजलि दी
वही इसके पहले सीएम नीतीश कुमार कर्पूरी ठाकुर जनशताब्दी समारोह कार्यक्रम में शामिल होने समस्तीपुर में उनके गांव पितौझिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि 2007 से हमलोग कार्यक्रम करते रहे हैं। 2023 तक भारत रत्न देने की मांग हमलोग करते रहे हैं। अब दिया गया, इसलिए धन्यवाद देता हूं। कर्पूरी ठाकुर ने हर तबके के लिए काम किया। वो हमलोग को बहुत मानते थे। देश में पहली बार पिछड़ा और अतिपिछड़ा के लिए काम किया। देश भर में कर्पूरी ठाकुर को लोग जानते हैं। उन्होंने कभी अपने लड़के को आगे नहीं बढ़ाया। लेकिन मैंने अपने भाई को साथ लेकर चला हूं। जदयू से राज्यसभा के सांसद हैं।
कर्पूरी जी ने ही पहली बार शराबबंदी लागू की थी : मुख्यमंत्री
पहली बार कर्पूरी जी ने पिछड़ा और अति पिछड़ा को आरक्षण दिया। देश में पहली बार कर्पूरी जी ने जो आरक्षण दिया। देशभर में लागू होना चाहिए। अतिपिछड़ा ज्यादा गरीब है। उनकी संख्या भी ज्यादा है। इसे देश में लागू करना चाहिए। कर्पूरी जी ने देश में पहली बार शराबबंदी लागू किए थे। शराबबंदी के कारण समय से पहले लोग उन्हें हटा दिया। उनके निधन के बाद से ही हम कार्यक्रम चलाते आ रहे हैं। 90 से ही सरकारी कार्यक्रम हो रहा है। जिस घर में वो रहते थे उस घर को आज भी उनके नाम से सुरक्षित रखा गया है। वेटनरी ग्राउंड में नीतीश कुमार के खिलाफ कुछ युवकों ने नारेबाजी की। युवा अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। विरोध करने वालों में डायरी स्नातक का प्रखंड स्तर पर पड़ सृजत करने ग्रामीण चिकित्सक समायोजन करने की मांग कर रहे थे।
नीतीश को श्रेय जाना चाहिए : ललन सिंह
ललन सिंह ने कहा कि 64 साल की उम्र में कर्पूरी जी का निधन हुआ। जीवन पर्यंत उन्होंने पिछड़े लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया। भारत सरकार ने भारत रत्न की घोषणा की है। इन्हें ये उपाधि बहुत पहले मिलना चालिए। अगर मिला है तो इसका श्रेय नीतीश कुमार को जाता है। वही वेटनरी कॉलेज में जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि कर्पूरी जननायक से अब राष्ट्र नायक हो गए। जेडीयू पहले दिन से उनके सिद्धतों पर चलते रहा। उन्हें भारत रत्न देने की मांग करते रहा है। डॉ आंबेडकर के बाद कोई नेता समाज का विद्वेष झेला है तो वह कर्पूरी ठाकुर थे। करपूरी के अधूरे सपने को नीतीश कुमार ने पूरा किया है। जैसे आप पहले से नीतीश कुमार के साथ दृढ़ता से खड़े रहे हैं।

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