शराबबंदी कानून की आड़ में हो रहा है दलितों-गरीबों पर जुल्म : विधायक संदीप सौरभ
पटना,पालीगंज। शराबबंदी कानून की आड़ में दलितों व वरीबो पर जुल्म किया जा रहा है। ये बाते पालीगंज बिधायक संदीप सौरभ ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है। मिली जानकारी के अनुसार, पालीगंज अनुमण्डल सह प्रखण्ड क्षेत्र के सिगोड़ी पंचायत स्थित नरौली मठिया गाँव के मुसहरी में दो दिनो पूर्व आबकारी विभाग के लोगों द्वारा आम ग्रामीणों और महिलाओं को बुरी तरह पिटाई का मामला सामने आया है। वही मंगलवार को नरौली मठिया का दौरा करने के बाद स्थानीय विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि शराबबंदी कानून की आड़ में दलितों पर ज़ुल्म हो रहा है। दलितों और गरीबों के साथ मारपीट, लूटपाट और गाली-गलौज करने की खुली छूट आबकारी विभाग के लोगों को मिली हुई है। आबकारी विभाग की टीम में महिलाएं नहीं होती और ये लोग निजी लोगों को अपने साथ रखते हैं, जिनका काम शराब पीने-बेंचने वालों के अलावा नहीं पीने वालों को भी जबरन उठाकर पैसे ऐंठना होता है। वही, इस घटना के सम्बंध में बिधायक संदीप सौरभ ने ग्रामीणों के हवाला देते हुए बताया कि आबकारी विभाग के लोगों ने पहले तो आते ही युवाओं और बच्चों को पीटना शुरू कर दिया और जब वहां मौजूद महिलाओं ने एतराज जताया तो महिलाओं को भी पीटना शुरू कर दिया। इसमें महेंद्र मांझी की पत्नी संगीता देवी पिटाई के बाद बेहोश हो गई। आबकारी विभाग के लोगों को लगा कि कुछ अनहोनी ना हो जाए इसलिए उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी घुमा ली और गांव से बाहर जाकर गाड़ी को रोक कर खुद ही अपनी गाड़ियों के शीशे तोड़ने लगे। इसे भी ग्रामीणों ने देखा। वही इस मामले की लीपापोती करने एवं अपने अधिकारियों को बचाने के लिए उल्टा अब गांव के लोगों पर मुकदमा करने की बात हो रही है। वही इस सम्बंध में पटना सीनियर SP, पटना ग्रामीण एसपी व सिगोड़ी थानाध्यक्ष से बात हुई है। वही इस मामले को लेकर सरकार से बात होगी और अगर जरूरत पड़ी तो हम लोग अदालत तक जाएंगे। वही, उन्होंने मांग करते हुए बताया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। ग्रामीण पर लगे झूठे आरोप और मुकदमा वापस हो। साथ ही नरौली मठिया के मुसहरी में लोगों को रोजगार का विकल्प मुहैया कराया जाए।


