September 27, 2026

बिहार कांग्रेस ने सीएम नीतीश पर की सवालों की बौछार, पूछ डाले तीखे सवाल

पटना। बिहार कांग्रेस कमिटी ने मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किये गये चुनावी चर्चा को कोरा आश्वासन एवं सरकारी धन का दुरूपयोग बताया है। पार्टी प्रवक्ता पूर्व विधायक डॉ. हरखू झा ने कहा है कि विगत 15 सालों का जो उपलब्धि मुख्यमंत्री अपने कार्यकर्ताओं को बता रहे हंै इस उपलब्धि पर उन्होंने वैशाखी के सहारे वर्ष 2010 विधानसभा चुनाव एनडीए एवं 2015 के विधानसभा चुनाव महागठबंधन के सहारे जीते हैं। अभी बीते वर्षों में उन्होंने राज्य के लिए कोई नयी उपलब्धि हासिल नहीं किया है, जिससे जनता उनको पसंद करे।
डॉ. झा ने कहा है कि यदि तीसरी बार मुख्यमंत्री को अपने कार्यों पर इतना विश्वास है तो राज्य की जनता को बताएं कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में डीएमसीएच, श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज मुजफ्फरपुर में अभी तक हार्ट ट्रांसप्लांट, किडनी, लीवर जैसे असाध्य रोग का यूनिट क्यों नहीं खुला। मुख्यमंत्री शिक्षा के क्षेत्र में लोगों को बताएं कि पटना विश्वविद्यालय जहां के वे छात्र रह चुके हैं, सेंट्रल यूनिवर्सिटी में परिवर्तित क्यों नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि उद्योग के क्षेत्र में बिहार में सरकारी या निजी बड़े उद्योग 15 सालों में क्यों नहीं लगा। मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि बुनियादी सुविधा में राज्य अन्य राज्यों से क्यों पीछे़ हो गया। मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था के उपर भी श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, क्योंकि पुलिस विभाग उनके पास है। डॉ. झा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री एवं उनके कार्यकर्ता राजद एवं उनके अध्यक्ष लालू प्रसाद को राज्य की दुर्दशा के लिए कोस रहे हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वर्ष 1990 से 94 एवं वर्ष 2013 जून से 2017 तक लालू जी के राजद से क्या रिश्ता था।
डॉ. झा ने कहा है कि लोकतंत्र में राजनीति करने का अधिकार प्रत्येक व्यक्ति को है लेकिन वर्तमान समय में जो कोरोना महामारी का दौर चल पड़ा है, उसमें मुख्यमंत्री को सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर राज्य की मूलभूत समस्याओं के संबंध में चर्चा करनी चाहिए तथा सुप्रीम कोर्ट में जो उन्होंने बिहार सरकार के द्वारा हफलनामा दायर कर मजदूरों एवं कामगारों की संख्या बतायी है, उनके पुनर्वास एवं जीवन-यापन के लिए भी रोडमैप जारी करना चाहिए।

You may have missed