खैरा में हुए मुंद्रिका राम हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त जालंधर महतो गिरफ्तार

25 दिनों में एक परिवार के तिन लोगों की हत्या का विवाद नही सुलझा पाई पुलिस
फुलवारी शरीफ। गौरीचक के खैरा निवासी रिटायर्ड होमगार्ड जवान मुंद्रिका राम की हत्या में शामिल मुख्य अभियुक्त जालंधर महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खेत में काम करने को बुलाकर ले जाये गये रिटायर्ड होमगार्ड जवान की लाश दूसरे दिन खैरा मोड़ के पास सड़क किनारे हत्या कर फेंका हुआ मिला था, जिसके बाद छ: घंटे तक ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हो हंगामा किया था। पुलिस मुंद्रिका राम की हत्या सहित इसी परिवार की गीता देवी, अजय राम हत्याकांड में कई नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है लेकिन पुलिस इन हत्याकांड का विवाद का पता नहीं लगा पा रही है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या लगातार कुछ दिनों के अंतराल पर किये जाने से परिजन और ग्रामीण एक साजिश मानते हैं लेकिन पुलिस तीनों हत्या की घटनाओं को अलग-अलग विवाद बताकर पल्ला झाड़ ले रही है। रिटायर्ड होमगार्ड जवान भी मजदूरी का काम करते थे और उसके चचेरे भाई अजय राम भी मजदूरी करने अरुण सिंह के यहां वर्षो से जाया करते थे। अजय राम की लाश कई दिनों तक लापता होने बाद गांव के पास ही एक पुलिया के नीचे पानी भरे गड्ढे से बरामद हुआ था। अजय राम की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसके पति का बकाया मेहनताना नहीं मिल रहा था, जिसके चलते मालिक से विवाद चल रहा था। आखिरी बार अजय राम ने अपने घर से यही कहकर निकला था कि मालिक के यहां जा रहा है, उसके बाद नहीं लौटा। मृतक की पत्नी के इन आरोपों को पुलिस यह कहकर खारिज कर दे रही है कि प्राथमिकी में इसका जिक्र नहीं है। वहीं परिजनों का आरोप है की पुलिस ने अपनी मर्जी से प्राथमिकी लिखवाई है। वहीं गीता देवी की हत्या में शामिल अपराधियों का दिन में हथियार लहराते वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सरेआम गुंडई को लोगों ने देखा था। ग्रामीणों की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर क्या विवाद है? कौन लोग हंै जो इस परिवार के लोगों की हत्या एक के बाद एक कराते आ रहे हैं? कई सवाल है, जिसका जवाब मृतक परिवार और ग्रामीण मांग रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि कुछ तो राज है जो एक ही परिवार के तीन लोगों की महज 25 दिनों में हत्या का कारण बना।

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