पटना में युवक ने गंगा में लगाई छलांग, वीडियो कॉल पर परिजनों से बोला- “मैं नदी में कूद रहा हूं”
- मरीन ड्राइव के पास मिली स्कूटी और जूता, सुबह से गंगा में तलाश में जुटी आपदा राहत टीम
- पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र का रहने वाला था युवक, घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
पटना। राजधानी पटना में एक युवक द्वारा गंगा नदी में छलांग लगाने की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना उस समय सामने आई जब युवक ने नदी में कूदने से पहले अपने परिजनों को वीडियो कॉल कर अंतिम बार बात की और कहा कि वह गंगा में छलांग लगाने जा रहा है। इसके कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। सूचना मिलते ही परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया और पूरी रात युवक की तलाश की जाती रही। बाद में मरीन ड्राइव के पास उसकी स्कूटी और एक पैर का जूता बरामद होने के बाद आशंका और गहरा गई। घटना पीरबहोर थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव के पिलर संख्या-46 के पास की बताई जा रही है। लापता युवक की पहचान पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी रोड नंबर-2 निवासी 30 वर्षीय सागर कुमार के रूप में हुई है। युवक के परिजन और स्थानीय लोग सुबह से ही गंगा किनारे जमा हैं और उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जानकारी के अनुसार सागर कुमार ने देर रात अपने एक परिजन को वीडियो कॉल किया था। बातचीत के दौरान उसने बेहद भावुक अंदाज में कहा कि वह नदी में कूदने जा रहा है। परिजनों ने उसे समझाने और रोकने की कोशिश की, लेकिन कॉल अचानक कट गया। इसके बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया। युवक की इस बात से घबराए परिजन तुरंत उसकी तलाश में निकल पड़े। परिवार के लोग रातभर पटना के विभिन्न इलाकों में युवक की खोजबीन करते रहे। इसी दौरान मरीन ड्राइव इलाके में सड़क किनारे उसकी स्कूटी खड़ी मिली। थोड़ी दूरी पर एक पैर का जूता भी बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और गंगा नदी में खोज अभियान चलाने का निर्णय लिया। सुबह से ही राज्य आपदा राहत बल की टीम गंगा नदी में युवक की तलाश में जुटी हुई है। टीम के साथ स्थानीय गोताखोरों को भी लगाया गया है। नावों की सहायता से नदी के कई हिस्सों में लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक की स्कूटी और जूता मिलने के बाद नदी में छलांग लगाने की आशंका प्रबल हो गई है। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस युवक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन और कॉल डिटेल भी खंगाल रही है ताकि घटना की सही परिस्थिति का पता लगाया जा सके। इधर युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य लगातार गंगा किनारे मौजूद हैं और राहत टीम की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। आसपास के लोगों का कहना है कि सागर कुमार शांत स्वभाव का युवक था और किसी बड़े तनाव में होने की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी। घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मरीन ड्राइव पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर वहां से हटाया और राहत अभियान को सुचारु रूप से जारी रखा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि खोज अभियान में किसी प्रकार की बाधा न आए। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं आज समाज में तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों को व्यक्ति के व्यवहार में आए बदलावों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। समय रहते संवाद और सहयोग मिलने पर कई दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस और राहत एजेंसियों का पूरा ध्यान युवक की तलाश पर केंद्रित है। गंगा नदी के बहाव और गहराई को देखते हुए खोज अभियान लगातार जारी रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक संवाद की आवश्यकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं युवक के परिवार और परिचितों की निगाहें अब राहत टीम की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, इस उम्मीद के साथ कि जल्द कोई सकारात्मक खबर सामने आएगी।


