बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, सात दिनों तक झमाझम और भारी बारिश का अलर्ट

  • कई जिलों में शुरू हुई मूसलाधार बारिश, किसानों और आम लोगों को गर्मी से मिली राहत
  • मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे को बताया अहम, उत्तर और पूर्वी बिहार में अधिक वर्षा की संभावना

पटना। बिहार में लंबे इंतजार के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। सासाराम, औरंगाबाद, कटिहार, बेतिया, नालंदा और अन्य कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी पटना सहित अनेक शहरों में सुबह से घने बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने 6 से 12 जुलाई तक पूरे राज्य में भारी वर्षा का सात दिन का उच्च सतर्कता संदेश जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे के दौरान कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
लंबे सूखे के बाद बदला मौसम का मिजाज
पिछले लगभग तीन सप्ताह से बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं। इसका असर खेती और जनजीवन दोनों पर दिखाई दे रहा था। 6 जुलाई तक राज्य में सामान्य 230.1 मिलीमीटर वर्षा के मुकाबले केवल 103 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 52 से 55 प्रतिशत कम थी। लगातार कम वर्षा के कारण किसान धान की रोपाई को लेकर चिंतित थे, वहीं लोगों को भी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। अब मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले सात से दस दिनों के दौरान मानसून और अधिक मजबूत होने की संभावना है। इससे राज्य के अधिकांश जिलों में नियमित वर्षा होने के आसार हैं।
कई जिलों में हुई अच्छी वर्षा
मंगलवार सुबह सासाराम और औरंगाबाद में तेज बारिश के साथ दिन की शुरुआत हुई। कटिहार में भी सुबह से झमाझम वर्षा होने लगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को राहत मिली। नालंदा, बेतिया तथा अन्य कई जिलों में भी अच्छी वर्षा हुई। वहीं पटना, मधुबनी और अन्य शहरों में सुबह से काले बादल छाए रहे और वर्षा की संभावना बनी रही। सोमवार की शाम पटना में तेज हवा के साथ वर्षा शुरू हुई, हालांकि यह केवल कुछ मिनटों तक ही चली। इसके बावजूद मौसम सुहावना हो गया। सुपौल, समस्तीपुर, आरा, बक्सर, सासाराम और औरंगाबाद में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। दोपहर बाद बांका, जमुई और नालंदा में भी झमाझम बारिश हुई।
वर्षा से बदला जनजीवन
नालंदा में तेज बारिश के कारण मौसम पूरी तरह बदल गया। कई लोग वर्षा का आनंद लेते और भीगते हुए दिखाई दिए। लगातार पड़ रही बारिश से वातावरण में ठंडक घुल गई और उमस से राहत मिली। समस्तीपुर में सोमवार रात लगभग 45 मिनट तक लगातार वर्षा हुई। इसके बाद अधिकतम तापमान घटकर 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की। औरंगाबाद में लगातार हो रही वर्षा से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों को अब उम्मीद है कि पर्याप्त वर्षा होने से खेती का काम गति पकड़ सकेगा।
बारिश के कारण कार्यक्रम में बदलाव
नालंदा में आयोजित उर्स के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हजरत गगनदुला शाह की मजार पर चादर चढ़ाने पहुंचे थे। लेकिन तेज वर्षा के कारण कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका और उन्हें बिना चादरपोशी किए वापस लौटना पड़ा। इस दौरान स्वागत के लिए मौजूद लोगों से उन्होंने मुलाकात भी की।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलग-अलग जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 7 जुलाई को अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी वर्षा हो सकती है। 8 जुलाई को अररिया, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया और सुपौल के कुछ क्षेत्रों में अधिक वर्षा की संभावना है। 9 और 10 जुलाई को उत्तर तथा उत्तर-पूर्व बिहार में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। वहीं 11 जुलाई को भागलपुर, कटिहार और पश्चिम चंपारण के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है।
मानसून की स्थिति पर वैज्ञानिकों की राय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के निकट कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसूनी हवाओं का रुख कुछ समय के लिए दक्षिण की ओर खिसक गया था। इसके अलावा बिहार और आसपास कोई प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ अथवा मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं होने के कारण वर्षा का क्रम कमजोर पड़ गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम प्रणाली मजबूत होने के साथ मानसून की सक्रियता बढ़ेगी और राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी। हालांकि हवा में नमी अधिक रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी का अनुभव भी हो सकता है।
खेती और जनजीवन को मिलेगी राहत
लगातार कम वर्षा से परेशान किसानों के लिए मानसून की वापसी राहत भरी खबर मानी जा रही है। धान की रोपाई का कार्य अब तेजी पकड़ने की उम्मीद है। साथ ही पेयजल संकट और गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से भारी वर्षा के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यदि मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा तो आने वाले दिनों में बिहार में सामान्य वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

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