टीम इंडिया की लगातार हार पर बोले गौतम गंभीर, संजू सैमसन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट
- हेड कोच ने कहा- खिलाड़ी से हो चुकी है स्पष्ट बातचीत, टीम चयन प्रदर्शन और सर्वश्रेष्ठ संयोजन के आधार पर
- आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन पर स्वीकार की कमी, बोले- परिस्थितियों के अनुरूप खुद को नहीं ढाल सके
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम का यूनाइटेड किंगडम दौरा अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। पहले आयरलैंड के खिलाफ शृंखला में हार और अब इंग्लैंड दौरे पर लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के चयन पर सवाल उठने लगे हैं। पांच मुकाबलों के इस विदेशी दौरे में भारतीय टीम चार मैच हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ। लगातार मिल रही हार के बीच सबसे अधिक चर्चा विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने को लेकर हो रही है। इस पूरे विवाद पर अब भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक गौतम गंभीर ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है।
संजू सैमसन को लेकर दिया स्पष्ट संदेश
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन के साथ उनकी पूरी तरह स्पष्ट बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा खिलाड़ी और मुख्य प्रशिक्षक के बीच का विषय है, इसलिए उसे सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को जिस स्पष्टता की आवश्यकता थी, वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से दे दी गई है। उन्होंने बताया कि टीम प्रबंधन इस विषय पर पूरी तरह स्पष्ट है और किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति नहीं है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टी-20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन का प्रदर्शन शानदार रहा था और उन्होंने टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
प्रदर्शन और संयोजन को बताया चयन का आधार
मुख्य प्रशिक्षक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर टीम का चयन नहीं किया जा सकता। प्रत्येक शृंखला और प्रत्येक परिस्थिति के अनुसार सर्वश्रेष्ठ संयोजन तैयार करना टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई निश्चित नियम नहीं है कि कोई खिलाड़ी एक बार बाहर होने के बाद वापसी नहीं कर सकता। यदि कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है और टीम की जरूरत के अनुरूप फिट बैठता है तो उसके लिए वापसी के द्वार हमेशा खुले रहते हैं। गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम उसी एकादश के साथ मैदान में उतरती है, जिसे उस समय सबसे संतुलित और प्रभावी माना जाता है। उनके अनुसार हर खिलाड़ी को अपने प्रदर्शन के आधार पर भारतीय टीम में स्थान अर्जित करना होता है और टीम में जगह किसी को स्थायी रूप से नहीं मिलती।
जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी नहीं मिला स्थान
संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे के दौरान अंतिम एकादश से बाहर किए जाने के बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी टीम में जगह नहीं मिली है। इस निर्णय के बाद क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच लगातार चर्चा हो रही थी कि आखिर टीम प्रबंधन का उनके प्रति क्या दृष्टिकोण है। मुख्य प्रशिक्षक के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि टीम प्रबंधन संजू सैमसन को लेकर अपनी रणनीति पहले ही उन्हें बता चुका है। हालांकि उन्होंने इस बातचीत का विवरण सार्वजनिक करने से साफ इनकार किया।
लगातार हार पर स्वीकार की जिम्मेदारी
पत्रकार वार्ता के दौरान गौतम गंभीर ने टीम के लगातार खराब प्रदर्शन पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड दोनों दौरों पर परिस्थितियों के अनुरूप अपने खेल को ढालने में सफल नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि टीम ने परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा होता और उसी के अनुसार खेला होता तो लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना नहीं करना पड़ता। उनके अनुसार विदेशी परिस्थितियों में सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना भी उतना ही आवश्यक होता है। मुख्य प्रशिक्षक ने कहा कि टीम को अपनी कमियों का ईमानदारी से विश्लेषण करना होगा ताकि आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
विदेशी दौरे में उम्मीदों पर नहीं उतरी टीम
भारतीय टीम का यह दौरा अब तक निराशाजनक रहा है। आयरलैंड के खिलाफ शृंखला में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम लगातार संघर्ष करती दिखाई दी। मौजूदा स्थिति में इंग्लैंड शृंखला जीतने की मजबूत स्थिति में है, जबकि भारत अधिकतम शृंखला को बराबरी पर समाप्त कर सकता है। लगातार मिल रही हार ने टीम के बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन और रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए टीम को अपनी योजनाओं में बदलाव करना होगा।
आगे की चुनौती पर रहेगा ध्यान
भारतीय टीम प्रबंधन अब आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है। मुख्य प्रशिक्षक गौतम गंभीर ने संकेत दिया कि चयन का आधार केवल नाम या प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि वर्तमान प्रदर्शन और टीम की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर खिलाड़ी के लिए टीम के दरवाजे खुले हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा टीम के संतुलन और परिणामों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। लगातार मिली हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती आत्मविश्वास वापस हासिल करने और आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी रहेगी कि टीम प्रबंधन अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है और आने वाले मैचों में भारतीय टीम किस तरह वापसी करती है।


