पटना में पुलिस की लाठीचार्ज से घायल बीजेपी कार्यकर्ता की मौत, पीएमसीएच में इलाज के दौरान गई जान
- सम्राट चौधरी समेत बिहार बीजेपी के कई बड़े नेता हिरासत में, सुशील मोदी बोले- अब इस तानाशाह सरकार को खत्म होना होगा
- लाठीचार्ज के बाद बढ़ाई गई बिहार विधानसभा की सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
पटना। राजधानी पटना में गुरुवार को पुलिस की लाठीचार्ज में घायल एक बीजेपी नेता की मौत हो गयी है। बीजेपी नेता ने पीएमसीएच में दम तोड़ दिया है। बता दें कि पटना का डाकबंगला चौराहा गुरुवार को रणक्षेत्र में तब्दिल हो गया था। शांतिपूर्ण ढंग से विधानसभा मार्च कर रहे बीजेपी नेताओ और कार्यकर्ताओं पर बिहार की पुलिस के जवानों ने बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं। इस दौरान न सिर्फ बीजेपी विधायकों और सांसद को जानवरों की तरह पीटा गया था। यही नहीं महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं बख्शा गया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी सहित कई बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। वही अब बड़ी खबर यह सामने आ रही है कि पटना में बीजेपी नेताओं पर हुए लाठीचार्ज में एक बीजेपी नेता की मौत हो गयी है। बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने बीजेपी नेता विजय कुमार सिंह की मौत की पुष्टि की है। बताया जाता है कि बीजेपी नेता जहानाबाद के प्रदेश महासचिव विजय कुमार सिंह पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया गया था। जिसमें उनका सिर फट गया। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाया गया जहां इलाज के दौरान बीजेपी नेता विजय कुमार सिंह की मौत हो गयी है। इस घटना से बीजेपी नेताओं के बीच हड़कंप मच गया है। इस घटना से वे काफी आहत हैं। बीजेपी के कई नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। इसे नीतीश सरकार की तानाशाह बताया है। बीजेपी नेता विजय कुमार सिंह की मौत के बाद बिहार विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है। चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है। बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत से ही बवाल मचा हुआ है। बीजेपी तेजस्वी यादव के ख़िलाफ़ चार्जशीट की दुहाई देकर उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
जहानाबाद नगर के महामंत्री थे विजय कुमार
बीजेपी नेताओं का कहना है कि पटना के डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज की जिसमें जहानाबाद नगर के बीजेपी महामंत्री विजय कुमार सिंह की मौत हो गई। बीजेपी नेताओं ने बताया कि पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज में विजय घायल हो गए थे। लोग आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति के मुद्दे पर बिहार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने कई राउंड आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
बिहार सरकार ने शिक्षकों की छुट्टियां की रद्द
वहीं इससे पहले बिहार सरकार ने सभी शिक्षकों की छुट्टियां एक सप्ताह के लिए रद्द कर दी हैं। शिक्षा विभाग ने इसके अलावा राज्य के जिलाधिकारियों से भी अनुरोध किया है कि वे शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करने के लिए गुरुवार को अपने संबंधित जिलों के सभी सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करें। इसपर बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सरकार की नई शिक्षक भर्ती नीति के खिलाफ भाजपा के राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन में शिक्षकों को शामिल होने से रोकने के लिए विभाग की ओर से ये आदेश जारी किया गया है। जिसके बाद वहीं भाजपा की बिहार इकाई के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा हम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार की कई अन्य जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में शिक्षकों की भागीदारी को रोकने के लिए ये परिपत्र जारी किए गए हैं। यह नीतीश कुमार सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। यह राज्य में अघोषित आपातकाल है।
प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान करने के आदेश
11 जुलाई को शिक्षक अभ्यर्थियों ने 1.7 लाख शिक्षकों की भर्ती में मूलनिवास नीति को हटाने के नीतीश कुमार सरकार के हालिया फैसले के खिलाफ पटना में प्रदर्शन किया था। कुछ शिक्षक भी इसमें शामिल हुए थे, शिक्षा विभाग ने अपने जिला शिक्षा अधिकारियों से उन शिक्षकों की पहचान करने को कहा है।


