सारण में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत, हादसे के बाद सड़क जाम

  • गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, चालक वाहन छोड़कर फरार
  • आक्रोशित ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, ट्रक में आग लगाने की कोशिश के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

सारण। बिहार के सारण जिले में गुरुवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया। एकमा थाना क्षेत्र के एकमा–मांझी मुख्य मार्ग पर हंसराजपुर गांव स्थित एक पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार एक व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ट्रक में आग लगाने की भी कोशिश की, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। मृतक की पहचान एकमा थाना क्षेत्र के हेकाम गांव निवासी स्वर्गीय सुरेश सिंह के 50 वर्षीय पुत्र विनोद कुमार सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विनोद कुमार सिंह स्कूटी से किसी जरूरी काम से जा रहे थे। इसी दौरान हंसराजपुर गांव के पास तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायल विनोद कुमार सिंह को सड़क से उठाकर इलाज के लिए एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना जैसे ही परिजनों और गांव के लोगों को मिली, पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि इस सड़क पर लंबे समय से तेज रफ्तार वाहनों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। लोगों का कहना था कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद गति नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोगों ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को आग के हवाले करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच होगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एकमा–मांझी मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। सड़क किनारे बाजार और आबादी होने के बावजूद वाहन चालक गति नियंत्रण का पालन नहीं करते। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए, गति सीमा तय की जाए और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है तथा फरार चालक को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में इस दर्दनाक हादसे को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

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