मुजफ्फरपुर में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, हर्ष फायरिंग में तीन लोग गोली लगने से घायल
- बारात के दौरान चली गोलियों से मचा हड़कंप, गंभीर घायल टेंट संचालक का अस्पताल में उपचार जारी
- पुलिस ने शुरू की जांच, हथियारों के खुले प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग पर फिर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर। जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत परसौनी जहाँगीर वार्ड-21 में आयोजित एक विवाह समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब बारात लगने के दौरान कथित रूप से की गई हर्ष फायरिंग में तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद विवाह स्थल पर चीख-पुकार मच गई और कुछ ही क्षणों में खुशी का माहौल दहशत में बदल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र स्थित जगीराहा गांव से बारात मुजफ्फरपुर के परसौनी जहाँगीर गांव पहुंची थी। विवाह की पारंपरिक रस्में चल रही थीं और बारातियों का स्वागत किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिससे समारोह में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक जो कथित रूप से नशे की हालत में था, उसने हथियार निकालकर हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। लगातार चली गोलियों के बीच तीन लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद विवाह स्थल पर मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
तीन लोग हुए घायल
घटना में घायल लोगों में अनिल पासवान नामक टेंट संचालक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अन्य दो घायलों को भी प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। इनमें से एक घायल को मोतिहारी स्थित अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि दोनों घायलों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
गोलियां चलने की आवाज सुनते ही विवाह समारोह में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, जबकि परिजन और स्थानीय लोग घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। विवाह समारोह में शामिल लोगों ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और ऐसे आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही साहेबगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच प्रारंभ कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल की तलाशी के दौरान कोई कारतूस का खोखा बरामद नहीं हुआ है। इसी कारण पुलिस फिलहाल तीन लोगों को गोली लगने की घटना की आधिकारिक पुष्टि करने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार एक घायल का उपचार श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य दो घायलों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गोली किसने चलाई तथा घटना किन परिस्थितियों में हुई।
हर्ष फायरिंग पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर विवाह समारोहों में हर्ष फायरिंग की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्सव के नाम पर हथियारों का प्रदर्शन और अंधाधुंध गोलीबारी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन चुकी है। पूर्व में भी राज्य के विभिन्न जिलों में हर्ष फायरिंग के कारण कई लोग घायल हो चुके हैं तथा अनेक मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि यह प्रमाणित होता है कि विवाह समारोह के दौरान अवैध रूप से हथियार का प्रयोग किया गया और उसी से लोग घायल हुए, तो संबंधित व्यक्तियों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी सामाजिक या पारिवारिक आयोजन में हथियारों का प्रदर्शन अथवा हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक गतिविधियों से बचें। ऐसी घटनाएं उत्सव का माहौल पलभर में मातम में बदल सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और घायलों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।


