दरभंगा हवाई अड्डे पर टला बड़ा हादसा, उतरते समय विमान का टायर फटा, कई उड़ानें हुईं प्रभावित
- पायलट की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित, तकनीकी खराबी के कारण हवाई सेवाओं पर पड़ा असर
- एक ही दिन में दो विमानों में आई तकनीकी दिक्कत, जांच और मरम्मत का कार्य जारी
दरभंगा। बिहार के दरभंगा हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुंबई से दरभंगा पहुंची एक यात्री विमान की सुरक्षित लैंडिंग के दौरान उसका एक टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद विमान का पहिया कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा, जिससे कुछ क्षणों के लिए यात्रियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई। हालांकि पायलट की सतर्कता, हवाई यातायात नियंत्रण इकाई की त्वरित निगरानी और भू-सेवा दल की सक्रियता के कारण विमान को सुरक्षित रोक लिया गया तथा सभी यात्रियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस घटना से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार मुंबई से दरभंगा पहुंची स्पाइसजेट की उड़ान संख्या एसजी-115 निर्धारित प्रक्रिया के तहत हवाई अड्डे पर उतर रही थी। इसी दौरान रनवे पर विमान का एक टायर अचानक फट गया। टायर फटने के कारण विमान का पहिया कुछ दूरी तक रनवे पर घिसटता रहा। हालांकि पायलट ने धैर्य और कुशलता का परिचय देते हुए विमान का संतुलन बनाए रखा और उसे सुरक्षित रूप से रोकने में सफलता प्राप्त की।
यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को हवाई अड्डे के निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में ले जाया गया। इसके बाद यात्रियों को क्रमबद्ध तरीके से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के दौरान किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं मिली। यात्रियों ने राहत की सांस लेते हुए पायलट और हवाई अड्डे के कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की। कई यात्रियों ने बताया कि टायर फटने के बाद कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया था, लेकिन चालक दल ने पूरे समय धैर्य बनाए रखा और यात्रियों को शांत रहने की सलाह दी।
हवाई सेवाओं पर पड़ा असर
तकनीकी खराबी के कारण विमान को तत्काल पार्किंग क्षेत्र में खड़ा करना पड़ा। इससे हवाई अड्डे पर उपलब्ध पार्किंग स्थान सीमित हो गया और अन्य उड़ानों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ा। इसी कारण दिल्ली से दरभंगा आने वाली एक अन्य यात्री उड़ान को एहतियात के तौर पर पटना भेजना पड़ा। बाद में जब हवाई अड्डे की स्थिति सामान्य हुई और आवश्यक व्यवस्था की गई, तब उस विमान को दरभंगा के लिए रवाना किया गया।
एक और विमान में आई तकनीकी समस्या
इसी दिन दरभंगा हवाई अड्डे पर एक अन्य विमान में भी तकनीकी खराबी सामने आने से परिचालन संबंधी चुनौतियां और बढ़ गईं। मुंबई से आने वाली अकासा एयर की उड़ान में भी तकनीकी दिक्कत की सूचना मिली, जिसके बाद संबंधित विमान की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई। एक ही दिन में दो अलग-अलग विमानों में तकनीकी समस्याएं सामने आने के कारण हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा। इससे यात्रियों को प्रतीक्षा, उड़ानों में विलंब और यात्रा संबंधी अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
जांच और मरम्मत का कार्य जारी
सूत्रों के अनुसार दोनों विमानों की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत का कार्य विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि दोनों विमान रातभर दरभंगा हवाई अड्डे पर ही खड़े रह सकते हैं। तकनीकी टीम प्रत्येक प्रणाली की बारीकी से जांच कर रही है ताकि विमान पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही पुनः उड़ान संचालन में शामिल किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
विमानन सुरक्षा पर फिर शुरू हुई चर्चा
इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित तकनीकी परीक्षण, समय पर रखरखाव और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन ही ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम कर सकता है विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार आधुनिक विमानों में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्थाएं होती हैं, जिनके कारण तकनीकी खराबी आने पर भी प्रशिक्षित चालक दल सुरक्षित तरीके से स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम होता है।
पायलट और कर्मचारियों की तत्परता बनी मिसाल
घटना के दौरान पायलट, हवाई यातायात नियंत्रण इकाई तथा भू-सेवा दल की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित बड़ी दुर्घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय रहते विमान को सुरक्षित रोकना और यात्रियों को व्यवस्थित ढंग से बाहर निकालना इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। यात्रियों ने भी चालक दल के संयम और पेशेवर व्यवहार की सराहना की। घटना के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। फिलहाल हवाई अड्डा प्रशासन स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाने में जुटा हुआ है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद प्रभावित उड़ानों का संचालन चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से उड़ानों की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा के लिए हवाई अड्डे पहुंचने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि विमानन सुरक्षा में सतर्कता, तकनीकी दक्षता और समय पर निर्णय किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।


