बिहार में बदलेगा मौसम का मिज़ाज, भीषण गर्मी के बीच आंधी-बारिश का अलर्ट

  • अगले 48 घंटों में 38 जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी
  • तापमान में 4 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज तेजी से बदलने लगा है। राज्य के लोगों को आने वाले दिनों में भीषण गर्मी, उमस और तेज हवाओं के साथ बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के दौरान बिहार के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने के साथ-साथ आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताई है। विभाग के अनुसार राज्य में अधिकतम तापमान 32 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 मई की सुबह से 17 मई की सुबह तक बिहार के 38 जिलों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इनमें 16 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी और 22 जिलों के लिए पीली चेतावनी घोषित की गई है। विभाग ने बताया है कि कई इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। राजधानी पटना सहित गया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, बांका, जमुई, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार और अररिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अचानक मौसम बदलने से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और वज्रपात के कारण फसलों और बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। बीते कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिन में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके कारण गर्मी के साथ-साथ तेज आंधी और बारिश की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि तेज आंधी और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसान भाइयों को भी खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। तेज गर्मी और उमस के कारण लोगों में थकान, चक्कर और निर्जलीकरण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। राज्य में बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। कई जिलों में आपातकालीन टीमों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने और सावधानी बरतने की जरूरत है।

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