ग्रामीण विकास विभाग के अभियंता के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी, 40 लाख नकद और भारी मात्रा में आभूषण बरामद

  • ईओयू की पटना और जमुई में बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
  • बैंक खातों, जमीन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच जारी

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई ने शनिवार को ग्रामीण विकास विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पटना और जमुई जिले के चार अलग-अलग स्थानों पर की गई। छापेमारी के दौरान पटना स्थित फ्लैट से 40 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में आभूषण तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की। शनिवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे अधिकारियों की टीम पटना की मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम इलाके में पहुंची और जगत विला अपार्टमेंट के दूसरे तल पर स्थित फ्लैट संख्या एफ-2 में छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को फ्लैट से 40 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच टीम को कई बैंकों की पासबुक, जमीन से जुड़े कागजात, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेख भी मिले हैं। इन सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पटना के अलावा कंकड़बाग स्थित पूर्वी इंदिरा नगर रोड संख्या-4 के मकान में भी छापेमारी की गई। वहीं जमुई जिले में केकेएम कॉलेज के पास स्थित किराए के आवास और झाझा स्थित कार्यालय में भी जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि चारों ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई ताकि किसी प्रकार के साक्ष्य को हटाया न जा सके। पटना में आर्थिक अपराध इकाई की 16 सदस्यीय टीम इस कार्रवाई में शामिल रही। टीम में चार पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, नकदी और अन्य वित्तीय अभिलेखों की भी जांच की। सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिनसे आय से अधिक संपत्ति के मामले में नए खुलासे हो सकते हैं। आर्थिक अपराध इकाई की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि अभियंता गोपाल कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच में अब तक करीब दो करोड़ 61 हजार रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है। इसी आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। यह मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 08/26, दिनांक 15 मई 2026 के तहत दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधित 2018 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि आगे की जांच में और अधिक संपत्तियों का खुलासा होता है तो कानूनी कार्रवाई को और विस्तारित किया जाएगा। छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास के लोग कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चा करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी। आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब्त दस्तावेजों और बरामद संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल टीम सभी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी हुई है। राज्य में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।