सासाराम के डिज्नीलैंड मेले में बड़ा हादसा, चकरी झूले से गिरकर कई लोग घायल
- झूले का द्वार अचानक खुलने से मची अफरा-तफरी, 10 वर्षीय बच्चा समेत आधा दर्जन लोग जख्मी
- घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रशासन से जांच की मांग
सासाराम। बिहार के सासाराम शहर में शुक्रवार की देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया। पायलट बाबा आश्रम के समीप आयोजित लंदन थीम आधारित डिज्नीलैंड मेले में लगे चकरी झूले का द्वार अचानक खुल जाने से उस पर सवार कई लोग नीचे गिर पड़े। हादसे में 10 वर्षीय बच्चे सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में एक युवक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेले में बड़ी संख्या में लोग घूमने और झूलों का आनंद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान चकरी झूले पर कई युवक और बच्चे सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूला तेज गति से घूम रहा था, तभी अचानक उसका द्वार खुल गया। द्वार खुलते ही झूले में बैठे लोग संतुलन खो बैठे और नीचे गिर पड़े। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। कुछ ही क्षणों में वहां चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घायलों में शिवसागर थाना क्षेत्र के सेनुआर गांव निवासी राकेश बिंद के पुत्र धीरज कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा श्वेताव सिंह, सीमा सिंह तथा अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और मेले में मौजूद कर्मियों की सहायता से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल धीरज कुमार का इलाज सासाराम सदर अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों की एक टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं अन्य घायलों को शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में डर और आक्रोश दोनों देखने को मिला। कई लोगों ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि झूलों की नियमित तकनीकी जांच नहीं की जाती, जिसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मेले में लगे सभी झूलों की तत्काल सुरक्षा जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सूचना मिलने पर स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चकरी झूले का द्वार अचानक खुल जाने के कारण यह हादसा हुआ। झूले पर बैठे लोग नीचे गिर पड़े, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मेले के संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मेले में लगे अन्य झूलों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मेले में हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार पहुंचते हैं। ऐसे में झूलों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। लोगों का कहना है कि मेले के आयोजकों को नियमित रूप से उपकरणों की जांच करानी चाहिए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी मेले के आयोजन से पहले सुरक्षा प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मेलों और मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। त्योहार और छुट्टियों के मौसम में लगने वाले मेलों में हजारों लोग पहुंचते हैं, लेकिन कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण बड़े हादसे हो जाते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों का इलाज जारी है। वहीं घटना के बाद मेले में आने वाले लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।


