बिहटा के प्राचीन देवी मंदिर में चोरी, सोने की नथिया लेकर फरार हुए चोर

  • मंदिर का ताला काटकर की गई वारदात, मूर्ति और सामान के साथ भी तोड़फोड़
  • राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बढ़ती चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी

पटना। बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा थाना क्षेत्र के देवकुली गांव स्थित एक प्राचीन देवी मंदिर में हुई चोरी की घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। देर रात अज्ञात चोरों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 किनारे स्थित मंदिर का ताला काटकर देवी मां की सोने की नथिया चोरी कर ली। चोरी के दौरान मंदिर परिसर में तोड़फोड़ भी की गई, जिससे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई है और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह उस समय सामने आई, जब मंदिर के पुजारी और मंदिर समिति के सदस्य रोजाना की तरह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। मंदिर का मुख्य द्वार खुला देखकर उन्हें शक हुआ। जब वे अंदर पहुंचे तो मंदिर का सामान बिखरा पड़ा था और देवी मां की प्रतिमा के पास अव्यवस्था दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने देखा कि देवी मां की मूर्ति का मुकुट अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था और उनकी सोने की नथिया गायब थी। इसके बाद तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी गई, जिसके बाद मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई। मंदिर समिति के सदस्य विनय कुमार सिंह ने बताया कि चोरी हुई सोने की नथिया की कीमत लगभग 50 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर इलाके के सबसे पुराने धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं। मंदिर में इस प्रकार की चोरी से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, चोरों ने बड़ी सावधानी से मंदिर का ताला काटा और घटना को अंजाम दिया। समिति के सदस्यों का अनुमान है कि चोरी की यह घटना रात एक बजे से सुबह चार बजे के बीच हुई होगी। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है, लेकिन इसके बावजूद रात के समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर रहती है। जानकारी के मुताबिक, चोरों ने पास के एक अन्य मंदिर को भी निशाना बनाने की कोशिश की। वहां भी ताला काटा गया, लेकिन कोई कीमती सामान नहीं मिलने के कारण चोर सफल नहीं हो सके। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदात को किसी संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है, जो लगातार धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है। घटना के बाद ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने पुलिस गश्त की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास पिछले कुछ महीनों में चोरी और आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पुलिस की सक्रियता पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। मंदिर समिति की ओर से अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन दिया गया है। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद गांव के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र होता है। ऐसे में धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।