बिहार में मौसम मेहरबान, बारिश और ठंडी हवाओं से भीषण गर्मी से राहत

  • राज्य के 14 जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का यलो अलर्ट जारी
  • सामान्य से 206 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज, किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

पटना। बिहार में पिछले दस दिनों से जारी बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। राज्य के लगभग सभी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी राज्य के 14 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार कई इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। राजधानी पटना, गोपालगंज समेत कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक आंधी, बिजली, बारिश और ओले गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 10 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। विभाग ने बताया कि बीते 24 घंटे में जमुई, रोहतास और गयाजी समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। गयाजी, रोहतास और लखीसराय में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जबकि कई अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 मई को उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 9 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं 10 मई को दक्षिण और मध्य बिहार में आंधी और बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। 11 मई को सीमांचल और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। पटना में भी मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है। विभाग के अनुसार शुक्रवार को राजधानी में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में नमी और बीच-बीच में चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत महसूस हो रही है। हालांकि शाम और रात के समय गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मई महीने की शुरुआत में ही बिहार में मानसून जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक सामान्य से 206 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। 7 मई तक बिहार में कुल 103.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में लगभग 33.8 मिलीमीटर वर्षा होती है। लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पटना का तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री नीचे पहुंच गया है। सबसे अधिक बारिश उत्तर बिहार के जिलों में दर्ज की गई है। राज्य के अधिकांश जिले अब “अत्यधिक अतिरिक्त वर्षा” की श्रेणी में शामिल हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में पूर्वी चंपारण के तेतरिया में सबसे अधिक 59.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। सीवान के महाराजगंज में 54.2 मिलीमीटर और समस्तीपुर के पूसा में 52.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीवान के दुरौंधा और नौतन क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे फिलहाल खेतों में काम रोक दें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान न हो। लोगों से अपील की गई है कि बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न जाएं और पेड़ों, बिजली के खंभों तथा जलाशयों से दूर रहें। तेज हवा और खराब मौसम के दौरान कमजोर ढांचों, टीन शेड या अस्थायी निर्माण के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है। लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन और मौसम विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को गर्मी से राहत देता रहेगा, हालांकि सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा।