September 19, 2026

कुशासन की हद कि 2.23 लाख स्कूली बच्चे पढ़ रहे भूखे-प्यासे : प्रभाकर मिश्र

  • मुख्यमंत्री बतायें, 1161 स्कूलों में पेयजल व्यवस्था क्यों नहीं?

पटना। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि जो सरकार 2.23 लाख स्कूली बच्चों के लिए पीने का पानी उपलब्ध न करा सके, मध्याहृ भोजन न दिला सके, उसे चुल्लू-भर पानी खुद अपने लिए खोज लेना चाहिए। मिश्र ने आगे कहा कि राज्य के 1161 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। और पानी नहीं है, इसलिए इन स्कूलों में दोपहर का भोजन बनना बंद है। उन्होंने आगे कहा कि सबसे ज्यादा बुरी स्थिति पटना और वैशाली जिले की है। पटना के 116 और वैशाली के 499 स्कूलों में पेयजल का इंतजाम नहीं है। बच्चे भूखे-प्यासे रहकर पढने को विवश हैं। मिश्र ने कहा कि शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण विभाग में कोई ताल-मेल नहीं है। जो काम निजी स्कूलों में एक मैनेजर किसी प्लम्बर से करा सकता है, उस के लिए दो सरकारी विभागों में ईमेल के इस जमाने में चिट्ठी-पत्री लिखी जा रही है। यह शर्मनाक है। उन्होंने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री अपनी नाक के नीचे सचिवालय में IAS अफसरों की हाजिरी सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं, तब न नौकरशाही काम करेगी, न विभागों में ताल-मेल सुनिश्चित होगा। मिश्र ने आगे कहा कि नीतीश कुमार जब तक भाजपा के साथ थे, तब तक सुशासन था, अब हर विभाग में कुशासन और भ्रष्टाचार का दुशासन है।

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