बिहार में फिर बढ़ी भीषण गर्मी, गयाजी बना सबसे गर्म जिला, तपिश से लोग परेशान

  • 45 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, कई जिलों में लू का रेड अलर्ट जारी
  • गर्मी से स्कूलों पर असर, छात्राएं बेहोश; नौतपा को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

पटना। कुछ दिनों की राहत के बाद बिहार में एक बार फिर भीषण गर्मी और उमसभरी तपिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को बिहार के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष का अब तक का सबसे गर्म दिन सोमवार को दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान गयाजी में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रोहतास में 44.5 डिग्री और बक्सर में 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान दिखाई दीं और लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। मौसम विभाग ने रोहतास, कैमूर और बक्सर जिलों में हीटवेव यानी लू का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन ने पहली से आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 मई तक बंद करने का आदेश दिया है। वहीं समस्तीपुर में स्कूलों के संचालन का समय बदलते हुए सुबह 11 बजे तक ही कक्षाएं चलाने का निर्देश जारी किया गया है। राजधानी पटना में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। तेज धूप और उमसभरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप और उमस बनी रहेगी, जबकि कुछ इलाकों में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इससे लोगों को ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, जो 2 जून तक चलेगा। नौतपा के दौरान लगातार नौ दिनों तक सूर्य की तेज किरणों के कारण भीषण गर्मी पड़ती है। इस अवधि में तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है और लू का असर और अधिक बढ़ने की आशंका है। बीते 24 घंटे के दौरान बिहार के सात जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। मोतिहारी में 39.6 डिग्री, अरवल में 39.3 डिग्री और जहानाबाद में 39.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि हवा में नमी अधिक होने के कारण उमसभरी गर्मी लोगों को और अधिक परेशान कर रही है। भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। शेखपुरा जिले में सोमवार को गर्मी के कारण 14 छात्राएं बेहोश हो गईं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं हॉस्टल लौट रही थीं, तभी अचानक कई छात्राएं चक्कर खाकर गिर पड़ीं। इसके बाद विद्यालय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं का इलाज कराया। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पर्यटन स्थलों की ओर भी रुख कर रहे हैं। नवादा जिले के प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ठंडे पानी में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि कुंड क्षेत्र में पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही। मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। 21 मई को दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों जैसे अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और सुपौल में हल्के बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में भी हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले सप्ताह सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ का असर अब कमजोर पड़ गया है। इसके कारण बादलों की आवाजाही कम हो गई है और तेज धूप निकल रही है। यही वजह है कि राज्य में गर्मी और उमस का असर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। चिकित्सकों ने अधिक पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। बिहार में बढ़ती गर्मी ने फिलहाल लोगों की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में स्थिति और कठिन होने की आशंका जताई जा रही है।

You may have missed