27 लाख लूटकांड में पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में घायल होकर पकड़ा गया फरार अपराधी

  • संपतचक के उदयनी गांव में पुलिस और अपराधी के बीच हुई फायरिंग, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तारी
  • लूट की रकम, हथियार, मोटरसाइकिल और पांच महंगे मोबाइल बरामद, फरार बदमाशों की तलाश जारी

पटना। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत पटना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजधानी पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र में हुए 27 लाख रुपये लूटकांड के एक फरार आरोपी को पुलिस ने मंगलवार सुबह मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई पटना के संपतचक स्थित उदयनी गांव में की गई। गिरफ्तार अपराधी की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह लूटकांड का मुख्य आरोपी था और वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहा था। घायल अपराधी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही पुलिस की वैज्ञानिक जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। पुलिस ने मौके से अपराधी की मोटरसाइकिल, एक देसी कट्टा, कारतूस और खोखा बरामद किया है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि 13 मई को गोपालपुर थाना क्षेत्र के जल्लाबीघा गांव के पास सीएमएस कैश वैन कंपनी की गाड़ी से 27 लाख रुपये लूट लिए गए थे। दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच हथियारबंद अपराधियों ने गाड़ी को ओवरटेक कर इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। लूटकांड के बाद पुलिस ने पूर्वी पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया था। इस टीम में पटना सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-दो रंजन कुमार, गोपालपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही सूरज पांडे, आदित्य कुमार और रवि कुमार नामक तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान नीतीश कुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। मंगलवार सुबह पुलिस टीम को सूचना मिली कि नीतीश कुमार संपतचक इलाके में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम उदयनी गांव पहुंची। पुलिस के अनुसार इसी दौरान नीतीश मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पीछा करने के दौरान पुलिस की गोली नीतीश कुमार के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार सभी अपराधी दीदारगंज और पटना सिटी इलाके के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी पहले भी लूट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस ने अब तक लूट की गई रकम में से पांच लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, हेलमेट, अपराधियों द्वारा पहने गए कपड़े, कैश वैन कंपनी की पर्ची और लूट के पैसों से खरीदे गए पांच महंगे आईफोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन कपड़ों को पहनकर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था, वे भी बरामद कर लिए गए हैं। इससे जांच को मजबूत आधार मिला है। पुलिस अब बाकी फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। घटनास्थल पर मौजूद वैज्ञानिक जांच टीम ने खोखा, हथियार और अन्य सामान को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के दौरान और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। पटना पुलिस ने साफ कहा है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे लूटकांड का पूर्ण खुलासा कर बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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