पटना में संपत्ति कर भुगतान पर राहत, समय पर कर जमा करने वालों को मिल रही 5 प्रतिशत छूट
- 35 हजार से अधिक संपत्तिधारकों ने उठाया लाभ, लाखों रुपये की हुई बचत
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा, नगर निगम को मिला करीब 11 करोड़ रुपये का राजस्व
पटना। संपत्ति कर को लेकर नगर निगम ने आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। समय पर कर भुगतान करने वाले लोगों को मूल कर राशि में 5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जिससे हजारों करदाताओं को आर्थिक लाभ मिल रहा है। नगर निगम की इस पहल का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बड़ी संख्या में लोग समय पर कर जमा कर रहे हैं और डिजिटल माध्यम से भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। नगर निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच राजधानी पटना में कुल 35,948 संपत्तिधारकों ने समय पर संपत्ति कर जमा किया। इस छूट योजना के कारण इन करदाताओं को लगभग 40.11 लाख रुपये की सीधी बचत हुई है। वहीं इस अवधि में नगर निगम को करीब 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसे शहर के विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह छूट बिहार नगर पालिका संपत्ति कर नियम 2013 के तहत दी जा रही है। नगर निगम का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग समय पर कर भुगतान करें और नगर प्रशासन को विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त राजस्व प्राप्त हो सके। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में लोगों ने डिजिटल भुगतान को अपनाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 60 प्रतिशत करदाताओं ने डिजिटल माध्यम से कर जमा किया है। लोग नगर निगम के आधिकारिक पोर्टल के अलावा पेटीएम, भीम और गूगल पे जैसे एकीकृत भुगतान माध्यम अनुप्रयोगों के जरिए भी आसानी से भुगतान कर रहे हैं। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक हुई है। हालांकि जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए भी नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखी है। ऐसे लोग निगम मुख्यालय और अंचल कार्यालयों में जाकर नकद, चेक या मांग प्रारूप के माध्यम से कर जमा कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी वर्गों के लोगों को ध्यान में रखते हुए भुगतान व्यवस्था को सरल और सुगम बनाया गया है। कर संग्रह प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने कई विशेष कदम भी उठाए हैं। निगम के कर संग्रह काउंटर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खुले रखे जा रहे हैं, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा बड़े बकायेदारों को समय पर कर भुगतान करने के लिए लघु संदेश सेवा के माध्यम से अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। नगर निगम के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार भी कर संग्रह की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। 1 अप्रैल से 7 मई 2025 के बीच लगभग 47 हजार होल्डिंग्स से करीब 13 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस वर्ष भी कर संग्रह लगभग उसी स्तर के आसपास बना हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 5 प्रतिशत की यह छूट 30 जून 2026 तक जारी रहेगी। ऐसे में जो लोग अभी तक कर जमा नहीं कर पाए हैं, वे समय रहते भुगतान कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि नागरिकों को समय पर कर भुगतान के प्रति जागरूक करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान और कर में छूट जैसी योजनाएं लोगों को स्वेच्छा से कर भुगतान के लिए प्रेरित करती हैं। इससे प्रशासन को राजस्व मिलता है और नागरिकों को आर्थिक राहत भी प्राप्त होती है। पटना नगर निगम की यह पहल शहर में कर संग्रह व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। समय पर कर भुगतान से नगर निगम को विकास कार्यों के लिए संसाधन मिल रहे हैं, वहीं नागरिकों को भी आर्थिक लाभ का अवसर प्राप्त हो रहा है।


