मोतिहारी में भीषण अग्निकांड, दो बच्चों समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत

  • होलसेल दुकान में लगी आग ने दो मंजिला मकान को लिया चपेट में, कई घंटे बाद पाया गया नियंत्रण
  • बचने के लिए छत से कूदे दुकान मालिक, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। ढाका प्रखंड के बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव में स्थित एक होलसेल दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते दो मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रात करीब साढ़े बारह बजे की बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धधकने लगी। दूर-दूर तक आग की ऊंची लपटें दिखाई दे रही थीं और पूरा मकान किसी भट्टी की तरह जलता नजर आ रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कोई भी व्यक्ति मकान के पास जाने का साहस नहीं कर पा रहा था। जानकारी के अनुसार मकान के निचले हिस्से में किराना की थोक दुकान संचालित होती थी, जबकि ऊपरी मंजिल पर दुकान मालिक राजकुमार साह अपने परिवार के साथ रहते थे। आग लगने के समय घर में उनके दो बच्चे और एक कर्मचारी मौजूद थे, जो आग में फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। मृतकों की पहचान राजकुमार साह के आठ वर्षीय पुत्र रुद्र, दस वर्षीय पुत्री सृष्टि और झरोखर थाना क्षेत्र के भंगहा निवासी कर्मचारी प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। तीनों के शव पहली मंजिल से बरामद किए गए। घटना में दुकान मालिक राजकुमार साह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जान बचाने के लिए उन्होंने खिड़की तोड़कर छत से छलांग लगा दी। वह नीचे खड़े एक ऑटो पर गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। फिलहाल उनका इलाज मोतिहारी में चल रहा है। वहीं एक अन्य ग्रामीण विजय बैठा भी इस हादसे में घायल बताए जा रहे हैं। गांव के चौकीदार बलराम प्रसाद यादव ने बताया कि वह रात में गांव में पहरा दे रहे थे, तभी उन्होंने दुकान से आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर लोगों को जगाया। लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी व्यक्ति मकान के निकट नहीं जा पा रहा था। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की छोटी और बड़ी कुल छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए करीब सात से दस घंटे तक लगातार प्रयास किए गए। कई बार दमकल गाड़ियों का पानी खत्म हो गया, जिसके बाद आसपास के घरों से पानी की व्यवस्था की गई। घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया जा सका। स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के कुछ देर बाद जोरदार धमाके की आवाजें भी सुनाई दीं। बताया जा रहा है कि घर में रखे दो गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गए, जबकि रेफ्रिजरेटर भी आग की चपेट में आकर फट गया। इन धमाकों के कारण आग और तेजी से फैल गई। परिवार के संबंध में बताया गया कि राजकुमार साह की पत्नी नीरा गुप्ता अपने एक छोटे बच्चे के साथ रिश्तेदारी में शादी समारोह में गई हुई थीं। इसी कारण वह इस हादसे से बच गईं। बताया जा रहा है कि स्कूल की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए राजकुमार अपने दो बच्चों को लेकर घर लौट आए थे। स्थानीय निवासी सोनू ने बताया कि यह दुकान इलाके की सबसे पुरानी दुकानों में से एक थी। लगभग 40 वर्ष पहले राजकुमार साह के पिता ने इसकी शुरुआत की थी और समय के साथ इसे बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान का रूप दिया गया था। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट से आग लगने की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। स्थानीय लोग प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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