आईआईटी पटना परिसर में बीटेक छात्र का शव मिलने से सनसनी, करंट लगने की आशंका

  • तेलंगाना निवासी चौथे वर्ष के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
  • जांच दल मौके पर पहुंचा, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

पटना। जिले के बिहटा स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना परिसर में शनिवार सुबह एक छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान तेलंगाना निवासी 22 वर्षीय हर्षित कुमार के रूप में हुई है, जो संस्थान में बीटेक चौथे वर्ष का छात्र था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटना के बाद पूरे संस्थान परिसर में शोक और चिंता का माहौल बन गया है। छात्र और कर्मचारी इस घटना से स्तब्ध हैं। वहीं पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। हालांकि अब तक संस्थान प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने एक युवक का शव देखा। इसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना से वैज्ञानिक जांच दल को भी बुलाया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि छात्र की मौत करंट लगने से हुई हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को तेज आंधी और बारिश हुई थी, जिससे परिसर में कई स्थानों पर बिजली से संबंधित खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि हर्षित कुमार सुबह टहलने के लिए निकला था और इसी दौरान किसी विद्युत तार या करंट प्रवाहित वस्तु के संपर्क में आने से उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। अंतिम निष्कर्ष चिकित्सकीय परीक्षण और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान थाना के प्रभारी रोशन कुमार राज ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच दल को सूचना दे दी गई है और वह घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी है। खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि हर्षित कुमार पढ़ाई में मेधावी छात्र था और अपने अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर रहा था। उसके सहपाठियों के अनुसार वह शांत स्वभाव का और पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने वाला छात्र था। घटना के बाद संस्थान के छात्रों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई छात्रों का कहना है कि तेज बारिश और आंधी के बाद परिसर में विद्युत सुरक्षा की जांच की जानी चाहिए थी। यदि समय रहते सावधानी बरती जाती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश और तूफान के बाद खुले बिजली के तार, पानी जमा होने और विद्युत प्रवाह जैसी स्थितियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे में बड़े शिक्षण संस्थानों में नियमित सुरक्षा जांच और सतर्कता आवश्यक होती है। फिलहाल पुलिस और वैज्ञानिक जांच दल घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत वास्तव में करंट लगने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। यह घटना न केवल संस्थान प्रशासन बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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